

बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा में जिले के कमजोर प्रदर्शन पर सख्त रुख अपनाया है। खराब परीक्षा परिणाम को लेकर जिले के 183 स्कूलों के प्राचार्यों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें कक्षा 10वीं के 139 और कक्षा 12वीं के 44 स्कूल शामिल हैं।
गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने पहले पाली में कोटा, मस्तुरी तथा दूसरी पाली में तखतपुर और बिल्हा ब्लॉक के प्राचार्यों की समीक्षा की। बैठक में कई प्राचार्य कमजोर परिणाम को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। कुछ प्राचार्यों ने खराब नतीजों के लिए शिक्षकों को जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की, जिस पर कलेक्टर ने संबंधित विषय शिक्षकों से भी जवाब लेने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि जिन स्कूलों का परीक्षा परिणाम 80 प्रतिशत से कम रहा है, वहां जवाबदेही तय की जाएगी। साथ ही प्राचार्यों को अपने-अपने स्कूलों के व्याख्याताओं और लेक्चररों को विषयवार नोटिस जारी कर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार लापरवाही पाए जाने पर इंक्रीमेंट रोकने और तबादले जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है।
बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी , बिल्हा बीईओ , तखतपुर बीईओ , मस्तुरी बीईओ और कोटा बीईओ मौजूद रहे।
जिले की रैंकिंग में भारी गिरावट
कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा में बिलासपुर जिला राज्य में 30वें स्थान पर पहुंच गया। जिले का पास प्रतिशत 65.30 प्रतिशत रहा, जबकि करीब 34.70 प्रतिशत छात्र असफल रहे। परीक्षा में कुल 14,268 छात्र पास हुए, जबकि 6,109 छात्र फेल हो गए।
वहीं कक्षा 12वीं में जिले को 27वां स्थान मिला। 79.19 प्रतिशत छात्र सफल रहे, जबकि लगभग 20.81 प्रतिशत छात्र असफल हुए। इस परीक्षा में 11,995 छात्र पास और 1,530 छात्र फेल हुए।
शत-प्रतिशत परिणाम वाले स्कूलों की सराहना
समीक्षा बैठक में उन स्कूलों की प्रशंसा भी की गई, जिन्होंने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। कक्षा 10वीं में 15 और कक्षा 12वीं में 15 स्कूलों ने शत-प्रतिशत परिणाम दर्ज किया। इन स्कूलों के प्राचार्यों के सम्मान में बैठक में तालियां भी बजवाई गईं।
एसी खराब होने से गर्मी में हुई बैठक
समीक्षा बैठक के दौरान सभा कक्ष की एसी खराब थी। तेज गर्मी और अपर्याप्त पंखों के कारण बैठक में शामिल प्राचार्य पसीने से तरबतर हो गए। बताया जा रहा है कि अत्यधिक गर्मी के कारण कलेक्टर ने बैठक को ज्यादा लंबा नहीं खींचा और समीक्षा जल्द समाप्त कर दी।
इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि बोर्ड परीक्षा परिणाम कमजोर आने के बाद कलेक्टर ने प्राचार्यों को चेतावनी देते हुए इंक्रीमेंट रोकने और तबादले जैसी कार्रवाई की बात कही है।
