

कोनी स्थित सरकारी पोल्ट्री फार्म में बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद प्रशासन द्वारा सख्त निगरानी के दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी हकीकत इन दावों से अलग नजर आ रही है। निर्धारित नियमों के बावजूद सर्विलांस एरिया में नए पोल्ट्री स्टॉक की एंट्री जारी है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा फिर से बढ़ गया है।
जानकारी के अनुसार, कोनी, सेंदरी और बिरकोना समेत आसपास के क्षेत्रों में नए पोल्ट्री स्टॉक लाए जाने के मामले सामने आए हैं। जबकि नियम के तहत बर्ड फ्लू की पुष्टि के बाद 10 किलोमीटर के दायरे में दो महीने तक नया स्टॉक लाने पर पूरी तरह रोक लगाई गई है। इसके बावजूद कई व्यापारी नियमों को दरकिनार कर नए पक्षी ला रहे हैं।
पशुपालन विभाग की जांच के लिए 9 सदस्यीय टीम गठित की गई है, लेकिन टीम के सदस्य खुद मानते हैं कि कई पोल्ट्री संचालक ‘पुराना स्टॉक’ बताकर जांच से बचने की कोशिश करते हैं। कई मामलों में बिना भौतिक सत्यापन के ही टीम को लौटना पड़ता है, जिससे निगरानी व्यवस्था कमजोर पड़ रही है।
नियमों के मुताबिक, सर्विलांस एरिया में हर 15 दिन में सैंपल जांच कराना अनिवार्य है, जो लगातार तीन महीने तक चलनी चाहिए। हालांकि, इस प्रक्रिया के पालन को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
कुक्कुट प्रक्षेत्र के प्रभारी डॉ. संजय राज का कहना है कि क्षेत्र में नियमित रूप से साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन का कार्य किया जा रहा है। वहीं, जेडी पशुपालन डॉ. एसएस तंवर ने स्पष्ट किया है कि अब निरीक्षण के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ‘पुराना स्टॉक’ बताकर जांच से बचने की कोशिश करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी और हर स्टॉक का भौतिक सत्यापन सुनिश्चित किया जाएगा।
गौरतलब है कि बर्ड फ्लू संक्रमण के बाद कोनी पोल्ट्री फार्म में 22,808 पक्षियों, 25,896 अंडों और 79 क्विंटल दाने को नष्ट किया गया था। इसके बावजूद यदि निगरानी में ढिलाई जारी रही, तो हालात दोबारा गंभीर हो सकते हैं।
