

बिलासपुर। प्लास्टिक रॉ मटेरियल की कीमतों में 40 से 45 प्रतिशत तक हुई बढ़ोतरी का असर अब बोतलबंद पानी पर भी दिखने लगा है। कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण आने वाले दिनों में पानी की बोतलों के दाम डेढ़ से दो रुपए तक बढ़ सकते हैं। फिलहाल बाजार में पुराना स्टॉक पुराने दामों पर बिक रहा है, लेकिन अगले सप्ताह से नई कीमतों वाली बोतलें बाजार में आने की संभावना है।
गर्मी शुरू होते ही बोतलबंद पानी की मांग तेजी से बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतों में वृद्धि का सीधा असर आम उपभोक्ताओं की जेब पर पड़ेगा। पानी की बोतल, ढक्कन और रैपर बनाने में इस्तेमाल होने वाला प्लास्टिक कच्चा माल महंगा हो गया है। इसके साथ ही उत्पादन में उपयोग होने वाली गैस की उपलब्धता भी प्रभावित हो रही है, जिससे लागत और बढ़ गई है।
जानकारों के अनुसार, कंपनियों ने प्रति कैरेट (12 बोतलों के बॉक्स) की कीमत में 15 से 18 रुपए तक बढ़ोतरी की तैयारी कर ली है। अभी यह असर डीलरों और रिटेलरों तक सीमित है, लेकिन अप्रैल से इसका असर सीधे ग्राहकों पर देखने को मिलेगा। वर्तमान में 20 रुपए में मिलने वाली पानी की बोतल जल्द ही 22 से 23 रुपए तक पहुंच सकती है।
शहर के बाजार में करीब आठ निजी कंपनियों की पानी की बोतलें बिक रही हैं, जिनमें से कुछ पाउच पैक पानी भी बेचती हैं। पाउच के दाम भी बढ़कर 2 से 3 रुपए तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
रेल नीर भी हो सकता है महंगा
ट्रेनों में मिलने वाले रेल नीर पानी की कीमत में भी 2 रुपए तक बढ़ोतरी हो सकती है। फिलहाल नागपुर से इसकी सप्लाई प्रभावित है। पानी की कमी और कच्चे माल की दिक्कत के चलते यात्रियों को महंगा पानी खरीदना पड़ सकता है।
उद्योग से जुड़े लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और युद्ध जैसे हालात के कारण प्लास्टिक कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिससे कीमतों में यह उछाल आया है।
