
यूनुस मेमन

बिलासपुर/रतनपुर। चैत्र नवरात्रि का शुभारंभ गुरुवार से पूरे श्रद्धा और भक्ति के साथ हो गया। अंचल के प्रसिद्ध सिद्ध शक्तिपीठ रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर में नौ दिवसीय उत्सव की भव्य शुरुआत हुई। अभिजीत मुहूर्त में विधि-विधान से घट स्थापना की गई, जिसके साथ ही मंदिर परिसर में आध्यात्मिक माहौल और भी भक्तिमय हो गया।
नवरात्रि के पहले दिन से ही दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां महामाया के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं। इस वर्ष मंदिर में 25 हजार मनोकामना ज्योति कलश प्रज्वलित किए गए हैं, जो श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास का प्रतीक हैं। मंदिर परिसर में सुबह से ही जयकारों और भक्ति गीतों की गूंज सुनाई देती रही।

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर ट्रस्ट और जिला प्रशासन द्वारा व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। सुरक्षा, ट्रैफिक व्यवस्था और सुविधाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि भक्तों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
नवरात्रि के प्रथम दिन बिलासपुर कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं एसएसपी रजनेश सिंह ने मंदिर पहुंचकर मां महामाया के दर्शन किए और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने ट्रैफिक व्यवस्था, श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को लेकर अधिकारियों से चर्चा की।

कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मंदिर परिसर में बैठकर भीख मांगने वालों से भी बातचीत की और उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के आवागमन और दर्शन में किसी प्रकार की बाधा न हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि नवरात्रि के दौरान विशेषकर कालरात्रि के दिन भारी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जाएगी। साथ ही ट्रैफिक को सुचारू बनाए रखने के लिए रूट डायवर्जन की योजना भी लागू की जाएगी।
इस अवसर पर ग्रामीण अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह, कोटा एसडीओपी एवं रतनपुर प्रभारी आईपीएस अंकित जैन, कोटा एसडीएम सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
धार्मिक नगरी रतनपुर में नवरात्रि के इस पावन अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है, जहां श्रद्धालु मां महामाया की भक्ति में लीन होकर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना कर रहे हैं।
