रतनपुर में 6 दिन में 10 कछुओं की मौत, पीएम रिपोर्ट में अंदरूनी चोट के निशान; शिकार की आशंका

शशि मिश्रा


बिलासपुर। धार्मिक नगरी रतनपुर में कछुओं की संदिग्ध मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। रतनपुर स्थित महामाया मंदिर परिसर के कुंड और बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर के तालाब में एक साथ 8 कछुओं के शव पानी में तैरते मिले हैं। बीते छह दिनों के भीतर अब तक कुल 10 कछुओं की मौत हो चुकी है, जिससे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है।
पीएम रिपोर्ट में अंदरूनी चोट के निशान
इससे पहले महामाया मंदिर कुंड में दो कछुए मृत पाए गए थे। उन दोनों का पोस्टमार्टम कराया गया, जिसकी रिपोर्ट में अंदरूनी चोट के निशान मिले हैं। प्राथमिक आशंका जताई जा रही है कि कछुओं को लाठी या किसी भारी वस्तु से पीट-पीटकर मारा गया हो।
वन विभाग का जांच का एंगल शिकार या सुनियोजित हत्या की ओर जा रहा है। हालांकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निष्कर्ष विस्तृत जांच के बाद ही सामने आएगा।
ग्रामीणों की सूचना पर पहुंची टीम
बुधवार सुबह बूढ़ा महादेव मंदिर के पास स्थित तालाब में एक साथ आठ कछुओं की लाश तैरती देख ग्रामीणों ने वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही वन अमला मौके पर पहुंचा और सभी शवों को बाहर निकालकर जांच प्रक्रिया शुरू की। मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
संरक्षित वन्यजीव हैं कछुए
वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार कछुए अनुसूची-एक के तहत संरक्षित वन्यजीव हैं। उनकी हत्या गंभीर अपराध की श्रेणी में आती है। इस मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि यदि शिकार या सुनियोजित हत्या की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
लगातार हो रही इन घटनाओं से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। धार्मिक नगरी में इस तरह संरक्षित जीवों की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल वन विभाग की टीम जांच में जुटी हुई है और पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!