

बिलासपुर। बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) के दौरान बड़ा विवाद सामने आया है। शहर के वार्ड क्रमांक 55-56 के अंतर्गत आने वाले बूथों में अल्पसंख्यक समुदाय के 117 मतदाताओं के नाम विलोपित कराने के लिए कथित रूप से एक ही व्यक्ति द्वारा फार्म-7 भरकर बीएलओ को जमा करने का मामला उजागर हुआ है। इस घटना को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष एवं बेलतरा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी विजय केशरवानी के नेतृत्व में कांग्रेसजनों और प्रभावित मतदाताओं ने कलेक्टोरेट पहुंचकर कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल से शिकायत की। कलेक्टर ने मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
एक व्यक्ति ने जमा किए 117 फार्म-7
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि एक ही व्यक्ति द्वारा 117 मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए फार्म-7 भरकर बीएलओ को सौंपे गए। सवाल उठाया गया है कि बीएलओ ने इतने बड़े पैमाने पर फार्म किस आधार पर स्वीकार किए और इसके पीछे किसकी मंशा है।
विजय केशरवानी ने इसे फार्म-7 के दुरुपयोग और सुनियोजित षड़यंत्र बताते हुए कहा कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल के इशारे पर कांग्रेस समर्थक, अल्पसंख्यक, एससी और एसटी वर्ग के मतदाताओं के नाम सूची से हटाने की कोशिश की जा रही है।
सभी मतदाता जिंदा और वर्षों से निवासरत
शिकायत में बताया गया है कि जिन 117 लोगों के नाम विलोपित कराने के लिए आवेदन दिया गया है, वे सभी जीवित हैं और वर्षों से उसी पते पर निवास कर रहे हैं। वर्ष 2003 की मतदाता सूची में भी उनके नाम दर्ज हैं। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि न तो ये मतदाता स्थानांतरित हुए हैं और न ही बाहरी हैं।
बूथवार विवरण
बूथ क्रमांक 191: 10 मतदाता
बूथ क्रमांक 192: 15 मतदाता
बूथ क्रमांक 193: 92 मतदाता
कुल 117 मतदाताओं को चिन्हांकित कर उनके नाम कटवाने के लिए फार्म-7 भरे गए। कांग्रेस का दावा है कि बीएलओ द्वारा भौतिक सत्यापन में ये सभी मतदाता अपने पते पर निवासरत पाए गए हैं।
भाजपा पर लगाया आरोप
विजय केशरवानी ने आरोप लगाया कि जिले भर से शिकायतें मिल रही हैं कि भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस समर्थक और अल्पसंख्यक मतदाताओं के नाम कटवाने के लिए फार्म-7 भरे जा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ स्थानों पर बीएलओ पर फार्म स्वीकार करने का दबाव बनाया जा रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि पूर्व में एसआईआर के तहत भौतिक सत्यापन हो चुका है और दस्तावेज सही पाए गए हैं, तो फिर फार्म-7 भरने की आवश्यकता क्यों पड़ी? उन्होंने आशंका जताई कि एसआईआर की प्रक्रिया अपने उद्देश्य से भटक गई है।
जांच का आश्वासन
कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल ने कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है।
कलेक्टर से मिलने वालों में विजय केशरवानी, ब्लॉक अध्यक्ष धनंजय सिंह, हितेश देवांगन, शीतल दास महंत, विनोद साहू, गुलनाज, बाबा खान, पार्षद सुनील सोनकर, मोहन श्रीवास, रूप नारायण बच्छ, मनीष घढ़ेवाल, नीरज सोनी, मनीष सेंगर, संत गढ़ेवाल, संतोष राज, सतनारायण मरकाम, ध्रुव साहू, अशोक तिवारी, बबली खान, सुखसागर कुर्रे, शानू खान, रामप्रसाद ध्रुव, कमल कश्यप, पूनाराम कश्यप, आशीष यादव, किशोर अहीरवार, दीपक मौर्य, अनिल केवरा सहित अन्य कांग्रेसजन शामिल रहे।
मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि 117 मतदाताओं के नाम विलोपित कराने की कोशिश के पीछे वास्तविक तथ्य क्या है।
