मंगला चौक की ज्वेलरी शॉप में बड़ी चोरी, शटर तोड़कर 6–7 लाख के जेवर ले उड़े चोर, सीसीटीवी ढंककर की वारदात, डॉग स्क्वाड और फिंगरप्रिंट टीम भी खाली हाथ


बिलासपुर।
शहर में ज्वेलरी शॉप की सुरक्षा पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मंगला चौक के पास आजाद चौक स्थित माँ ज्वेलरी शॉप में अज्ञात चोरों ने शटर तोड़कर करीब 6 से 7 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवर चोरी कर लिए। वारदात को अंजाम देने से पहले चोरों ने बाहर और भीतर लगे सीसीटीवी कैमरों को कपड़े और प्लास्टिक से ढंक दिया, ताकि पहचान न हो सके।
जानकारी के अनुसार, महामाया ज्वेलरी शॉप के संचालक यदु सोनी शनिवार शाम करीब 7.30 बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। रविवार को दुकान बंद रहती है, इसलिए वे सुबह परिवार के साथ बाहर घूमने निकल गए थे। वे रतनपुर से आगे पहुंचे ही थे कि पड़ोसी दुकानदार का फोन आया, जिसमें दुकान का शटर टूटा होने की सूचना दी गई। इसके बाद उन्होंने तत्काल रिश्तेदारों को दुकान भेजा और पुलिस को सूचना दी।
करीब 10 बजे जब यदु सोनी खुद दुकान पहुंचे तो देखा कि शटर टूटा हुआ है और फ्रंट तथा भीतर लगे कैमरों को ढंक दिया गया है। दुकान के अंदर रखे करीब 6–7 लाख रुपये के जेवर गायब थे। पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो रात करीब 2 बजे दो चोर दुकान में घुसते नजर आए।
सूचना मिलते ही सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के लिए डॉग स्क्वाड और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट की टीम भी बुलाई गई, लेकिन अब तक चोरों का कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका है। एडिशनल एसपी पंकज पटेल ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एक अलग टीम गठित की गई है और आसपास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
ज्वेलरी चोरी पुलिस के लिए बनी बड़ी चुनौती
बिलासपुर में बीते चार वर्षों के भीतर इसी तरह 28 ज्वेलरी दुकानों में चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इन वारदातों में चोर करीब 93.94 लाख रुपये से अधिक के गहने लेकर फरार हुए। हालांकि कुछ मामलों में चोर पकड़े गए, लेकिन पूरे माल की रिकवरी नहीं हो सकी।
पहले चोर केवल सोने पर ही हाथ साफ करते थे, लेकिन चांदी के दाम बढ़ने के बाद अब चांदी के जेवर भी निशाने पर हैं। इसके अलावा, बीते चार सालों में शहर के मकानों से भी करीब दो करोड़ रुपये से अधिक का सोना चोरी हो चुका है।
जेवर चोरी की एफआईआर बनती है परेशानी
सोना-चांदी चोरी होने पर एफआईआर दर्ज कराना भी दुकानदारों के लिए आसान नहीं होता। पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने से पहले जेवरों की खरीद बिल की मांग करती है, जो अक्सर उपलब्ध नहीं होती, जिससे प्रक्रिया लंबी खिंच जाती है।
एक्सपर्ट की सलाह
गोपनीयता रखें, लॉकर सबसे सुरक्षित विकल्प
विशेषज्ञों का कहना है कि कीमती आभूषणों की जानकारी बाहरी लोगों से साझा न करें। जेवरों के खरीद बिल और तस्वीरें सुरक्षित रखें, ताकि चोरी या बीमा क्लेम में मदद मिल सके। ज्वेलरी इंश्योरेंस कराना भी समझदारी है। समय-समय पर गहनों को रखने की जगह बदलते रहें। सोना-चांदी सुरक्षित रखने का सबसे बेहतर विकल्प बैंक लॉकर है।

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