
बिलासपुर |

बिलासपुर पुलिस की सशक्त और वैज्ञानिक विवेचना के परिणामस्वरूप एनडीपीएस एक्ट के एक गंभीर मामले में न्यायालय ने आरोपी को 15 वर्ष के कठोर कारावास एवं डेढ़ लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। यह निर्णय 3 जनवरी 2026 को माननीय विशेष न्यायाधीश (एनडीपीएस) के न्यायालय द्वारा सुनाया गया।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार थाना सिविल लाइन में अपराध क्रमांक 753/2023 धारा 21, 22 एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज मामले में आरोपी आकाश कुर्रे पिता छन्नू कुर्रे, उम्र 23 वर्ष, निवासी मिनी बस्ती जरहा भाठा, बिलासपुर को दोषी पाया गया। आरोपी पर नशीले इंजेक्शन की अवैध बिक्री का आरोप था।
मामले का संक्षिप्त विवरण यह है कि शहर में नशीली दवाइयों और इंजेक्शनों की अवैध बिक्री पर रोक लगाने के लिए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक द्वारा सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। इसी क्रम में 11 अगस्त 2023 को थाना सिविल लाइन में पदस्थ उप निरीक्षक अवधेश सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि आकाश कुर्रे जरहा भाठा मिनी बस्ती स्थित कबाड़ी दुकान के पास अवैध रूप से नशीले इंजेक्शन बेच रहा है।
सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को मौके से पकड़ा और एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों का विधिवत पालन करते हुए नशीले इंजेक्शन जब्त किए। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस न्यायालय में रिमांड पर प्रस्तुत किया गया। विवेचना पूर्ण होने पर 7 नवंबर 2023 को अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया।
प्रकरण की सुनवाई के दौरान माननीय विशेष न्यायाधीश श्रीमती किरण त्रिपाठी (एनडीपीएस एक्ट) के न्यायालय में विशेष लोक अभियोजक सूर्यकांत शर्मा द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। साथ ही विवेचक उप निरीक्षक अवधेश सिंह द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और वैज्ञानिक विवेचना के आधार पर न्यायालय ने आरोपी आकाश कुर्रे को एनडीपीएस एक्ट की धारा 22(सी) के तहत दोष सिद्ध पाया।
न्यायालय ने आरोपी को 15 वर्ष के कठोर कारावास तथा डेढ़ लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। इस मामले में उत्कृष्ट विवेचना और प्रभावी कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बिलासपुर श्री रजनेश सिंह (आईपीएस) द्वारा उप निरीक्षक अवधेश सिंह को पुरस्कृत किया गया है।
पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नशे के अवैध कारोबार में लिप्त लोगों के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी
