
बिलासपुर। जिले में चलाए जा रहे “चेतना विरुद्ध नशा” एवं “प्रहार” अभियान के तहत कोटा पुलिस द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं को नशे के दुष्प्रभावों, साइबर अपराधों और यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में मंगलवार को ग्राम भुंडा और ग्राम गनियारी में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्याओं, स्थानीय ग्रामीण महिलाओं, पंचायत प्रतिनिधियों तथा वरिष्ठ नागरिकों ने भाग लिया।

इस अवसर पर प्रार्थी उप पुलिस अधीक्षक एवं थाना कोटा पुलिस स्टाफ ने उपस्थित महिलाओं को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए समाज में इसके बढ़ते प्रभाव को रोकने में महिलाओं की भूमिका पर प्रकाश डाला। साथ ही नए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के प्रमुख प्रावधानों, सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों तथा साइबर ठगी से बचाव के उपायों की भी विस्तृत जानकारी दी गई।
पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं से अपील की कि वे अपने परिवार और आसपास के लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि, साइबर अपराध या कानून व्यवस्था संबंधी जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित महिलाओं ने भी विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने विस्तार से जवाब दिया। पुलिस का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाकर नशामुक्त और अपराधमुक्त समाज के निर्माण में जनभागीदारी सुनिश्चित करना है।
