
बिलासपुर। मस्तुरी पुलिस ने कोयला अफरा-तफरी और मिलावटी कोयले की आपूर्ति करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान तीन ट्रेलर, एक रोलर मशीन तथा करीब 30 टन कोयला जब्त किया है। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, राशि स्टील एंड पावर लिमिटेड से जुड़े प्रार्थी कप्तान सत्यनारायण ने शिकायत दर्ज कराई थी कि एसीसीएल गेवरा माइंस, कोरबा से उच्च गुणवत्ता वाले जी-11 कोयले की आपूर्ति के लिए 30 हजार टन कोयले का ऑर्डर दिया गया था। 17 जून की रात से सुबह के बीच प्लांट पहुंचे कुछ ट्रेलरों की जांच में कोयला खराब गुणवत्ता का और मिलावटी पाया गया।
जांच के दौरान संदेह होने पर ट्रेलर चालकों से पूछताछ की गई, लेकिन वे मौके से फरार हो गए। मामले में अपराध दर्ज कर मस्तुरी पुलिस ने विस्तृत जांच शुरू की। विवेचना के दौरान ट्रेलर चालक जयकांत यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें पूरे खेल का खुलासा हुआ।
पुलिस जांच में सामने आया कि एसीसीएल गेवरा माइंस से लोड किए गए जी-11 कोयले को रास्ते में बेलतरा टोल प्लाजा के पास स्थित एक कोल डिपो में उतार दिया जाता था। इसके बाद ट्रेलरों में गिट्टी मिश्रित और निम्न गुणवत्ता वाला कोयला भरकर राशि प्लांट भेजा जाता था। इस कथित हेराफेरी में ट्रेलर चालक, वाहन मालिक और कोल डिपो संचालक शामिल थे तथा अवैध लाभ की राशि आपस में बांटी जाती थी।
पुलिस ने मामले में झारखंड निवासी चालक जयकांत यादव (38 वर्ष), वाहन स्वामी सुनीत यादव (23 वर्ष), सूरज सिंह (31 वर्ष) तथा कोल डिपो संचालक आकाश सिंघल (41 वर्ष) को गिरफ्तार किया है।
पूछताछ में आरोपियों ने अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त तीन ट्रेलर, कोयले को मिश्रित करने में इस्तेमाल की गई एक रोलर मशीन और करीब 30 टन कोयला जब्त किया है।
मस्तुरी पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 316(3), 317(4) और 111 के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें 21 और 22 जून को गिरफ्तार किया। सोमवार को सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस मामले में अन्य संभावित आरोपियों और नेटवर्क की भूमिका की भी जांच कर रही है।
