

भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता बी.पी. सिंह ने कहा कि राज्यसभा सांसद फूलोदेवी नेताम (छत्तीसगढ़ कोटे से) द्वारा संसद में छत्तीसगढ़ के किसानों की आत्महत्या को धान खरीदी से जोड़ना पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक है। जिन चार जिलों का नाम लिया जांजगीर, कोरबा ,महासमुंद, मानपुर मोहला इन जिलों में ऐसे किसी भी किसान के धान खरीदी की वजह से आत्महत्या करने का कोई भी सरकारी आंकड़ा उपलब्ध नहीं है प्रदेश में किसी भी किसान ने धान खरीदी की वजह से आत्महत्या नहीं की है।
प्रदेश प्रवक्ता बी.पी. सिंह ने कहा कि बिना ठोस जानकारी और प्रमाण के देश की संसद में इस प्रकार का बयान देना लोकतांत्रिक मर्यादाओं के विपरीत है। इससे न केवल प्रदेश की छवि प्रभावित होती है, बल्कि किसानों के मनोबल पर भी नकारात्मक असर पड़ता है विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने इस वर्ष रिकॉर्ड स्तर पर धान खरीदी की है, 25 लाख किसानों ने 1 लाख 42 हजार मीट्रिक टन धान बेंचा अब तक लगभग ₹34,000 करोड़ की राशि सीधे किसानों के खातों में अंतरित की जा चुकी है। इसके अतिरिक्त होली से पूर्व लगभग ₹10,000 करोड़ की अंतर राशि (बोनस के रूप में) किसानों को प्रदान करने का निर्णय लिया गया है,
धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और ऑनलाइन टोकन व्यवस्था के माध्यम से संचालित की गई है। यदि कहीं कोई तकनीकी या स्थानीय समस्या आई भी है तो प्रशासन द्वारा त्वरित समाधान किया गया है। ऐसे में किसानों की आत्महत्या को धान खरीदी से जोड़ना केवल राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बयान है।
झूठ का दूसरा नाम कांग्रेस
प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि कांग्रेस का इतिहास रहा है कि वह झूठे आरोपों और भ्रम फैलाकर प्रदेश और देश को गुमराह करने का प्रयास करती रही है। किसान हितैषी निर्णयों से कांग्रेस बौखलाई हुई है
प्रदेश प्रवक्ता बी.पी. सिंह ने स्पष्ट किया कि विष्णु देव सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की भ्रामक राजनीति को सफल नहीं होने दिया गया है
