
बिलासपुर। वन्यजीव संरक्षण सप्ताह के बीच सीपत थाना क्षेत्र के मंजूरपहरी गांव के दाइतपारा में चीतल के शिकार का मामला सामने आया है। वन विभाग और उड़नदस्ता की टीम ने कार्रवाई करते हुए चीतल का मांस और उसे पकाने में इस्तेमाल कड़ाही बरामद की है। मामले में चैनसिंह (40) और राजकुमार (40) को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 6 अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
मुखबिर से सूचना मिलने के बाद वन परिक्षेत्र बिलासपुर और उड़नदस्ता की 12 सदस्यीय टीम दो हिस्सों में बंटकर आरोपियों के घर पहुंची। तलाशी के दौरान चीतल का मांस बरामद हुआ। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने चीतल के शिकार की बात स्वीकार की। उड़नदस्ता प्रभारी ऋतु साहू के अनुसार, चीतल को बाड़ी में दो लोगों ने पकड़ा था। शिकार के बाद उसका मांस अन्य लोगों को भी दिया गया था। विभाग अब उन लोगों की तलाश कर रहा है।
वन विभाग यह भी पता लगा रहा है कि चीतल का शिकार जंगल के किस हिस्से में और कब किया गया। मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
9 महीने में 7 चीतलों के शिकार के मामले
पिछले 9 महीनों में सीपत, सोठी, कारीछापर, बेलगहना और कोटा समेत आसपास के वन क्षेत्रों में चीतल के शिकार के 7 मामले सामने आ चुके हैं। इससे पहले 27 मार्च को बेलगहना के कुरदर स्थित एक रिसॉर्ट में चीतल का मांस पकाए जाने का मामला सामने आया था। उस मामले में वन विभाग ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। लगातार सामने आ रहे मामलों ने वन्यजीवों की सुरक्षा और शिकार पर निगरानी को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।