बिजली करंट से जिले में 15 मौतों के बाद विभाग हरकत में, हादसों की वजह के साथ अधिकारियों-कर्मचारियों की भी तय होगी जिम्मेदारी


जिले में बिजली करंट से होने वाली मौतों का आंकड़ा 15 तक पहुंचने के बाद बिजली विभाग ने सभी हादसों की जांच कराने का फैसला लिया है। खेतों में टूटकर पड़े बिजली के तार, जमीन से महज चार फीट ऊपर झूलती लाइनें और समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण लगातार हादसे हो रहे हैं। कुछ मामलों में ग्रामीणों की ओर से सूचना दिए जाने के बावजूद बिजली विभाग ने समय पर सुधार कार्य नहीं कराया। अब कार्यपालक निदेशक एके अम्बस्थ ने जिले में हुए सभी हादसों की जांच के निर्देश दिए हैं।


जांच में हादसों के वास्तविक कारणों का पता लगाने के साथ संबंधित क्षेत्र के अधिकारियों और कर्मचारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों में हुए हादसों की जांच शहर के अधीक्षण यंत्री पीएल सिदार और ईडी कार्यालय में पदस्थ अधीक्षण यंत्री राजेश झा करेंगे। जांच में यह भी देखा जाएगा कि किन क्षेत्रों में बिजली लाइनों के रखरखाव में लापरवाही बरती गई और शिकायत मिलने के बाद भी मरम्मत क्यों नहीं कराई गई।


घर से खेत तक सावधानी बरतने की अपील


लगातार हो रही दुर्घटनाओं को देखते हुए छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने आम लोगों के लिए एडवाइजरी जारी की है। विभाग ने घरों में उचित अर्थिंग कराने और प्रशिक्षित इलेक्ट्रिशियन से समय-समय पर वायरिंग की जांच कराने की सलाह दी है। गीले हाथों से स्विच और बिजली उपकरण नहीं छूने तथा क्षतिग्रस्त तारों को तत्काल बदलवाने की अपील की गई है।


विभाग ने एक ही सर्किट पर जरूरत से ज्यादा बिजली उपकरण नहीं चलाने, खेतों और घरों की फेंसिंग में करंट प्रवाहित नहीं करने तथा बिजली खंभों और ट्रांसफार्मरों के पास वाहन खड़े नहीं करने की सलाह दी है। पेड़ों की उन शाखाओं पर चढ़ने से भी बचने कहा गया है, जो बिजली लाइनों के संपर्क में हों। कहीं भी बिजली का तार टूटकर गिरा मिले तो तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1912 पर सूचना देने की अपील की गई है।