40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं, गरज-चमक और वज्रपात की भी चेतावनी

रायपुर। उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के ऊपर बना गहरा दबाव अब धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। इसके प्रभाव से दक्षिण छत्तीसगढ़ समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 25 सितंबर को प्रदेश के अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। वहीं एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान गरज-चमक के साथ बिजली गिरने और 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी आशंका है।

गुरुवार को भी प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हुई। जगदलपुर में 75 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई। पिछले 24 घंटे में कोटा में सबसे अधिक 80 मिमी बारिश हुई। तोंगपाल और छिंदगढ़ में 70-70 मिमी, बास्तानार और बिहारपुर में 60-60 मिमी तथा बड़े बचेली, दोरनापाल और सुकमा में 50-50 मिमी बारिश दर्ज की गई। गरियाबंद, गादीरास और दरभा में 40-40 मिमी पानी गिरा। रायपुर में करीब 12 मिमी बारिश दर्ज की गई।

कमजोर हो रहा मौसम सिस्टम

मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार सुबह 11:30 बजे गहरा दबाव ओडिशा के रायगढ़ से करीब 60 किमी दक्षिण-पूर्व और जगदलपुर से 150 किमी पूर्व-दक्षिण-पूर्व में स्थित था। यह पिछले 6 घंटे में करीब 10 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा। इसके आगे डिप्रेशन में बदलकर उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने और अगले 24 घंटे में धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।

रायपुर में 27 डिग्री तक रहेगा तापमान

शुक्रवार को रायपुर में आसमान सामान्यतः बादलों से घिरा रहेगा। बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री के आसपास रहने की संभावना है। शनिवार को भी प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। एक-दो स्थानों पर भारी बारिश के साथ वज्रपात की आशंका बनी रहेगी।

अक्टूबर के पहले सप्ताह में छत्तीसगढ़ से मानसून की विदाई के संकेत

देश में मानसून की वापसी 19 सितंबर से पश्चिमी राजस्थान से शुरू हुई थी। 23 सितंबर तक दिल्ली सहित पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के अधिकांश हिस्सों से मानसून लौट चुका था। छत्तीसगढ़ में अभी बारिश का दौर जारी रहने के कारण मानसून की वापसी की स्थिति नहीं बनी है। मौसम विभाग के अनुसार 1 से 7 अक्टूबर के बीच मध्य भारत और आसपास के पूर्वी हिस्सों से मानसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं, जिसमें छत्तीसगढ़ भी शामिल है।

मानसून सक्रिय रहने के दौरान प्रदेश में हवाएं दक्षिण-पश्चिम दिशा से आती हैं। मानसून की वापसी के बाद हवाओं की दिशा बदलकर उत्तर-पूर्वी होने लगती है।