महिला और यात्रियों की सुरक्षा पर जोर, स्कैन करते ही सामने आएगा वाहन-चालक का डिजिटल रिकॉर्ड
बिलासपुर। सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए बिलासपुर यातायात पुलिस ने ई-रिक्शा के डिजिटल पंजीकरण और QR कोड आधारित पहचान व्यवस्था की पहल शुरू की है। इस व्यवस्था के तहत जिले के ई-रिक्शा को डिजिटल रूप से पंजीकृत कर प्रत्येक वाहन को विशिष्ट डिजिटल आईडी और QR कोड दिया जाएगा।
पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर यह पहल 08 अक्टूबर 2026 को शाम 3 बजे चेतना भवन पुलिस ग्राउंड में शुरू की जाएगी। QR कोड ई-रिक्शा पर लगाया जाएगा, जिसे यात्री अपने मोबाइल से स्कैन कर संबंधित वाहन और चालक की उपलब्ध जानकारी देख सकेंगे। इससे वाहन में बैठने से पहले यात्री को चालक और वाहन की पहचान सत्यापित करने में सुविधा होगी।
डिजिटल पंजीकरण के दौरान चालक की पहचान, ड्राइविंग लाइसेंस, वाहन का विवरण, फोटो और अन्य जरूरी जानकारियां डिजिटल रिकॉर्ड में दर्ज की जाएंगी। इससे पुलिस और प्रशासन के पास ई-रिक्शा चालकों और वाहनों का व्यवस्थित डेटाबेस उपलब्ध रहेगा और जरूरत पड़ने पर सत्यापन व निगरानी की प्रक्रिया आसान होगी।
महिला यात्रियों की सुरक्षा पर विशेष जोर
इस व्यवस्था का खास फोकस महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और आम यात्रियों की सुरक्षा पर है। QR कोड स्कैन करने के बाद यात्री संबंधित ई-रिक्शा की जानकारी अपने परिजनों या अन्य व्यक्ति के साथ साझा कर सकेंगे। आपात स्थिति में वाहन और चालक से संबंधित जानकारी तत्काल उपलब्ध होने से पुलिस की कार्रवाई में भी मदद मिल सकेगी।
यातायात पुलिस के अनुसार डिजिटल पंजीकरण से ई-रिक्शा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। साथ ही सार्वजनिक परिवहन से जुड़े वाहनों और चालकों की पहचान को तकनीक के माध्यम से अधिक व्यवस्थित किया जा सकेगा। बिलासपुर पुलिस इस व्यवस्था को नियमित रूप से संचालित करेगी और अनुभव के आधार पर इसे सार्वजनिक परिवहन की सुरक्षा व्यवस्था के एक प्रभावी मॉडल के रूप में विकसित किया जा सकता है।