पानीपत से आए रागी जत्थे के कीर्तन से भक्तिमय हुआ माहौल, 27 अक्टूबर को 51 सहज पाठों की समाप्ति के बाद सजेगा विशेष दीवान और बरतेगा गुरु का अटूट लंगर

बिलासपुर। सिख पंथ के चौथे गुरु श्री गुरु रामदास जी का प्रकाश पर्व दयालबंद स्थित गुरुद्वारा साहिब में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सहयोग और सुखमनी साहिब सर्कल के तत्वावधान में आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में संगत शामिल हो रही है। पिछले दो दिनों से गुरुद्वारा साहिब में कीर्तन की सेवा जारी है। पानीपत से पहुंचे रागी जत्थे के शबद-कीर्तन से गुरुद्वारा परिसर भक्तिमय हो उठा है।

पानीपत से आए रागी भाई हरकीरत सिंह जी के साथ दयालबंद गुरुद्वारे के रागी भाई हुस्नप्रीत सिंह जी कीर्तन की सेवा कर रहे हैं। वहीं, हेड ग्रंथी भाई मान सिंह जी धार्मिक कार्यक्रमों का संचालन कर रहे हैं। शबद-कीर्तन के माध्यम से संगत को गुरु साहिब की शिक्षाओं, सेवा, सिमरन और मानवता के मार्ग पर चलने का संदेश दिया जा रहा है।

27 अक्टूबर को 51 सहज पाठों की होगी समाप्ति

प्रकाश पर्व के अवसर पर 27 अक्टूबर को विशेष धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समूह संगत की ओर से किए गए 51 सहज पाठों की समाप्ति हेड ग्रंथी भाई मान सिंह जी द्वारा कराई जाएगी। इसके बाद गुरु घर में विशेष दीवान सजेगा और संगत गुरु साहिब के समक्ष माथा टेककर आशीर्वाद प्राप्त करेगी। कार्यक्रम की समाप्ति के बाद गुरु का अटूट लंगर बरताया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालु गुरु की पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण करेंगे।

सुखमनी साहिब सर्कल की प्रधान दलजीत कौर सलूजा के नेतृत्व में संस्था की पूरी टीम प्रकाश पर्व की तैयारियों में जुटी हुई है। दलजीत कौर सलूजा और हरमीत कौर गंभीर ने बताया कि सुखमनी साहिब सर्कल हर वर्ष गुरु रामदास जी का प्रकाश पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाता आ रहा है। इस आयोजन में दयालबंद गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का विशेष सहयोग रहता है।

सेवा और समर्पण के लिए जाने जाते हैं गुरु रामदास जी

सिख इतिहास में श्री गुरु रामदास जी का महत्वपूर्ण स्थान है। उनका जन्म 1534 में हुआ था। गुरु अमरदास जी ने 1574 में उन्हें सिख पंथ की गुरु गद्दी सौंपी थी। वे सिखों के चौथे गुरु थे। उन्होंने अमृतसर शहर की स्थापना की और हरमंदिर साहिब के निर्माण की शुरुआत कराई। गुरु साहिब की शिक्षाएं सेवा, विनम्रता, समानता और मानव कल्याण की प्रेरणा देती हैं। प्रकाश पर्व पर संगत उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेती है।

गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर भी होंगी तैयारियां

दयालबंद गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से सिख पंथ के प्रथम गुरु श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। इसके तहत 15 नवंबर से 21 नवंबर तक प्रतिदिन सुबह अमृतवेले प्रभात फेरियां निकाली जाएंगी। वहीं, 21 नवंबर को नगर कीर्तन निकालने की तैयारी की जा रही है। इस दौरान संगत गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं और उनके संदेशों का स्मरण करेगी।

सुखमनी साहिब सर्कल और गुरुद्वारा कमेटी जुटी सेवा में

प्रकाश पर्व के आयोजन में सुखमनी साहिब सर्कल की सदस्य हरमीत कौर गंभीर, मनप्रीत कौर, संदीप कौर सलूजा, रविंदर कौर गंभीर, खुशबू कौर छाबड़ा, दविंदर कौर और जसमीत कौर सहित अन्य सदस्य सेवा में जुटे हुए हैं।

गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार परमजीत सिंह सलूजा, सचिव अमरजीत सिंह दुआ, कोषाध्यक्ष गुरदीप सिंह अजमानी, उपाध्यक्ष मंजीत सिंह अरोरा, सह सचिव जसवीर सिंह गांधी, सोनू, अमनदीप सिंह होरा, सतिंदर सिंह गांधी, बलजीत सिंह गंभीर और रमनदीप सिंह सलूजा सहित कमेटी के अन्य सदस्य आयोजन की व्यवस्थाओं में सहयोग कर रहे हैं।

गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और सुखमनी साहिब सर्कल के सदस्यों ने संगत से प्रकाश पर्व के धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होकर गुरु साहिब का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।