
14 करोड़ रुपये के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी, टेंडर जारी; 15 दिन बाद खुलेगा, 15 हजार से अधिक लोगों को मिलेगी राहत
बिलासपुर। सिटी बस डिपो से पत्रकार कॉलोनी और अशोक नगर को जोड़ने वाली बायपास सड़क के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने सड़क निर्माण के लिए टेंडर जारी कर दिया है, जो 15 दिन बाद खुलेगा। विभाग के मुख्य अभियंता आरके रात्रे के अनुसार, दिसंबर के पहले सप्ताह तक निर्माण कार्य शुरू होने की संभावना है। शासन ने परियोजना के 14 करोड़ रुपये के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सड़क बनने से आसपास की कॉलोनियों में रहने वाले 15 हजार से अधिक लोगों को आवागमन में राहत मिलने की उम्मीद है।
इस सड़क के निर्माण में लंबे समय से देरी हो रही थी। बारिश के दौरान कच्चा मार्ग कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे लोगों को आवाजाही में परेशानी होती है। आसपास नई कॉलोनियां विकसित होने के साथ इस मार्ग पर यातायात का दबाव भी बढ़ा है। ऐसे में सड़क का निर्माण स्थानीय लोगों की लंबे समय से चली आ रही जरूरत माना जा रहा है।
2.20 किलोमीटर फोरलेन, आगे 1.30 किलोमीटर सिंगल लेन
संशोधित योजना के तहत सिटी बस डिपो से पत्रकार कॉलोनी तक करीब 2.20 किलोमीटर सड़क को फोरलेन सीसी रोड के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके आगे कॉलोनी क्षेत्र के भीतर लगभग 1.30 किलोमीटर हिस्से में सिंगल लेन सड़क बनाई जाएगी। इसी बदलाव के आधार पर विभाग ने नया प्राक्कलन तैयार कर शासन को भेजा था, जिसे अब मंजूरी मिल गई है।
4 करोड़ से बढ़कर 14 करोड़ रुपये हुई लागत
परियोजना की लागत का अनुमान तीन बार बदला गया। शुरुआत में सड़क निर्माण के लिए करीब 4 करोड़ रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया था। बाद में इसे बढ़ाकर 8.30 करोड़ रुपये किया गया और टू-लेन सड़क के लिए टेंडर भी जारी हुआ। भविष्य में यातायात का दबाव बढ़ने की आशंका को देखते हुए सड़क को फोरलेन सीसी रोड के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया गया। इसके बाद संशोधित प्रस्ताव की लागत बढ़कर 14 करोड़ रुपये हो गई।
विभाग ने जनवरी में पहला प्रस्ताव भेजा था। इसके बाद बार-बार संशोधन और फाइलों की प्रक्रिया में करीब तीन महीने लग गए। इस दौरान मार्ग की वीडियोग्राफी भी कराई गई। अब टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण शुरू होने की उम्मीद है।
बायपास से शहर के भीतर यातायात का दबाव घटाने की तैयारी
शहर के अंदरूनी और बाहरी क्षेत्रों में यातायात का बढ़ता दबाव लगातार चुनौती बना हुआ है। बायपास मार्गों के विकास का उद्देश्य वाहनों को वैकल्पिक रास्ता उपलब्ध कराना और शहर के व्यस्त हिस्सों में ट्रैफिक का दबाव कम करना है। सिटी बस डिपो से पत्रकार कॉलोनी तक फोरलेन सड़क बनने से आसपास की कॉलोनियों के लोगों को बेहतर आवागमन सुविधा मिलने के साथ यातायात को व्यवस्थित करने में भी मदद मिल सकती है।