बिलासपुर। कार की किस्तें चुकाने का भरोसा देकर दोस्त से 12 लाख रुपए की नई कार लेने के बाद आरोपी ने न तो किस्तें भरीं और न ही वाहन वापस लौटाया। बैंक से रिकवरी का दबाव बढ़ने पर कार मालिक ने दोस्त से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन पता चला कि वह किसी अपराध के मामले में जेल में बंद है। जेल में पूछताछ के बावजूद कार का कोई सुराग नहीं मिलने पर पीड़ित ने सिटी कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अमानत में खयानत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, टिकरापारा निवासी मनीष खुटे ने करीब 5 महीने पहले 12 लाख रुपए की नई विक्टोरिस कार खरीदी थी। खरीदारी के लगभग एक महीने बाद हसौद निवासी पंकज टंडन ने कार की सभी मासिक किस्तें नियमित रूप से चुकाने का भरोसा दिलाया और वाहन अपने पास रख लिया। कुछ समय बाद मनीष को जानकारी मिली कि पंकज किसी अपराध के मामले में जेल चला गया है।

इधर, फाइनेंस कंपनी की किस्तें बकाया होने के कारण मनीष पर भुगतान का दबाव बढ़ने लगा। उसने कार वापस लेने के लिए पंकज से संपर्क किया, लेकिन जेल में पूछताछ करने पर भी वाहन के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। आखिरकार परेशान होकर मनीष ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर गायब कार का पता लगाने के साथ आगे की जांच शुरू कर दी है।