2.92 लाख प्रभावित मतदाताओं को राहत, फॉर्म-6 से दोबारा जुड़वा सकेंगे नाम; 31 अक्टूबर तक चलेगा अभियान, जिले में 1815 बीएलओ तैनात

बिलासपुर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में नाम कटने से प्रभावित लोगों को अब दोबारा नाम जुड़वाने के लिए वर्ष 2003 की मतदाता सूची में अपना या माता-पिता और दादा-दादी का नाम तलाशने की जरूरत नहीं होगी। भारत निर्वाचन आयोग ने फॉर्म-6 के साथ पुरानी मतदाता सूची से संबंधित अतिरिक्त घोषणा-पत्र देने की बाध्यता खत्म कर दी है। इससे जिले के करीब 2.92 लाख प्रभावित मतदाताओं को राहत मिलने की उम्मीद है। पात्र नागरिक फॉर्म-6 भरकर मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकेंगे। जिले में इसके लिए 31 अक्टूबर तक अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें 1815 बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) की ड्यूटी लगाई गई है।

हालांकि, पुरानी मतदाता सूची से संबंधित घोषणा-पत्र की बाध्यता खत्म होने का मतलब यह नहीं है कि नाम जोड़ने के लिए अन्य औपचारिकताएं भी समाप्त हो गई हैं। आवेदकों की पात्रता की जांच और जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन पहले की तरह किया जाएगा। आवेदन जमा करने के बाद मतदाता सूची में नाम जुड़ने की पुष्टि करना भी जरूरी होगा।

नाम कट गया है तो फॉर्म-6 भरकर करें आवेदन

SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हट गया है, लेकिन संबंधित व्यक्ति मतदाता बनने की पात्रता पूरी करता है, तो वह फॉर्म-6 भरकर नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है। इसके लिए अपने क्षेत्र के बीएलओ से संपर्क किया जा सकता है। ऑनलाइन आवेदन के लिए निर्वाचन आयोग के पोर्टल, ईसीआईनेट या वोटर हेल्पलाइन एप का उपयोग भी किया जा सकता है। आवेदन में सही जानकारी देना और निर्धारित दस्तावेज उपलब्ध कराना जरूरी है।

2003 की मतदाता सूची का रिकॉर्ड देना जरूरी नहीं

निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार, SIR की प्रक्रिया पूरी कर चुके राज्यों में फॉर्म-6 के साथ वर्ष 2003 की मतदाता सूची में स्वयं, माता-पिता या दादा-दादी का नाम होने से संबंधित अतिरिक्त घोषणा-पत्र देने की बाध्यता नहीं है। इससे उन लोगों को राहत मिलेगी, जिन्हें पुराने पारिवारिक रिकॉर्ड तलाशने में परेशानी हो रही थी। हालांकि, आवेदन के साथ उम्र और निवास से जुड़े निर्धारित प्रमाण देने पड़ सकते हैं। दस्तावेजों की सही जानकारी के लिए संबंधित बीएलओ से संपर्क करना उचित होगा।

31 अक्टूबर तक चलेगा अभियान

जिले में मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए 31 अक्टूबर तक अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए 1815 बीएलओ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बीएलओ घर-घर जाकर छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान करेंगे और नाम जोड़ने की प्रक्रिया में मदद करेंगे। आवेदन जमा करने के बाद उसकी स्थिति की जानकारी भी ली जा सकती है। सत्यापन पूरा होने के बाद मतदाता सूची में अपना नाम जरूर जांचना चाहिए।

17 साल की उम्र में भी कर सकेंगे अग्रिम आवेदन

मतदाता सूची में नए नाम जोड़ने के अभियान के तहत 17 साल से अधिक उम्र के विद्यार्थी भी फॉर्म-6 भर सकेंगे। हालांकि, मतदाता सूची में नाम शामिल होने के लिए निर्धारित आयु और अन्य पात्रता संबंधी शर्तें पूरी करना जरूरी होगा। 18 साल की पात्रता पूरी होने पर नियमानुसार पंजीयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी संजय अग्रवाल ने सोमवार को मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक लेकर अभियान की जानकारी दी। उन्होंने छूटे हुए पात्र मतदाताओं की पहचान करने और उनका पंजीयन कराने में सहयोग मांगा। उन्होंने बताया कि कॉलेजों में पढ़ने वाले 18 साल या उससे अधिक उम्र के जिन विद्यार्थियों के नाम मतदाता सूची में नहीं हैं, उनका भी पंजीयन कराया जाएगा।

नाम जुड़ने की पुष्टि करना जरूरी

फॉर्म-6 जमा करने मात्र से मतदाता सूची में नाम जुड़ना सुनिश्चित नहीं होता। आवेदन की जांच और पात्रता के सत्यापन के बाद ही नाम जोड़ने की प्रक्रिया पूरी होगी। इसलिए आवेदन करने वाले नागरिकों को मतदाता सूची में अपना नाम जांचना चाहिए। किसी तरह की परेशानी होने पर संबंधित बीएलओ या निर्वाचन कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है।