
बिलासपुर। रतनपुर थाना क्षेत्र के नवागांव-मोहरा में नवधा रामायण के लिए चंदा नहीं देने पर एक परिवार के सामाजिक बहिष्कार का मामला सामने आया है। गांव के संतोष साहू का आरोप है कि मार्च 2023 में आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वे नवधा रामायण के लिए चंदा नहीं दे सके। इसके बाद गांव में बैठक कर उनके परिवार का सामाजिक बहिष्कार कर दिया गया। तब से परिवार के लोगों से गांव में सामान्य बातचीत और मेलजोल बंद होने का आरोप है।
संतोष साहू के अनुसार, परिवार से बातचीत या मेलजोल रखने वाले लोगों पर भी 2500 रुपए जुर्माना लगाने की बात कही गई। उनके खेत को बटाई पर लेने वाले व्यक्ति को भी कथित तौर पर धमकाया गया। मजदूरों पर भी परिवार के खेत में काम नहीं करने का दबाव बनाए जाने की शिकायत है। इसके चलते खेती के काम में परेशानी हुई और परिवार को अपना खेती का रकबा कम करना पड़ा। शिकायतकर्ता का कहना है कि सामाजिक बहिष्कार का असर अब परिवार की रोजी-रोटी पर भी पड़ रहा है।
3 साल से शिकायत, अब कलेक्टर से हस्तक्षेप की मांग
शिकायतकर्ता के मुताबिक, मामला करीब 3 साल पुराना है, लेकिन अब तक इसका समाधान नहीं हुआ। 29 जून 2026 को रतनपुर थाने में करीब 35 लोगों के खिलाफ शिकायत की गई थी। इसके बाद 13 जुलाई को एसपी को आवेदन दिया गया। कलेक्टर जनदर्शन में भी शिकायत की गई। अब दोबारा कलेक्टर को आवेदन देकर मामले में हस्तक्षेप और आरोपों की जांच कर कार्रवाई की मांग की गई है। आवेदन में रतनपुर थाना प्रभारी को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश देने और जांच के बाद आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने पूर्व में दिए गए आवेदनों की प्रतियां भी संलग्न की हैं।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है। मामले की जांच कराई जाएगी और गांव वालों से पूछताछ की जाएगी।