7 दिनों में 48 ग्राम पंचायतों से गुजरेगी यात्रा, गांव-गांव में ग्रामीणों ने किया स्वागत; जय श्रीराम के जयकारों से भक्तिमय हुआ माहौल
रतनपुर। शारदीय नवरात्रि के अवसर पर रविवार को बेलतरा विधानसभा क्षेत्र में मां महामाया और श्री गिरजाबंध हनुमान लला के नाम पर भव्य ध्वजा यात्रा शुरू हुई। विधायक सुशांत शुक्ला के नेतृत्व में निकली इस यात्रा में केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू भी शामिल हुए। 7 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा क्षेत्र की लगभग 48 ग्राम पंचायतों से होकर गुजरेगी और अंतिम चरण में रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर में ध्वजा अर्पित की जाएगी।
यात्रा की शुरुआत श्री गिरजाबंध हनुमान मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद हुई। पहले दिन यात्रा नवागांव, ओछिनपारा, सरवनदेवरी, लखराम, गड़वट और बाम्हू सहित आसपास के गांवों से होकर गुजरी। इस दौरान ग्रामीणों ने जगह-जगह विधायक सुशांत शुक्ला और यात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का स्वागत किया। जय श्रीराम और मां महामाया के जयकारों के साथ ढोल-मांदर की थाप ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया।
नवागांव के बाद ओछिनपारा चौक में भाजपा कार्यकर्ताओं ने यात्रा का स्वागत किया। सरवनदेवरी में सरपंच शकुंतला काछी के नेतृत्व में ग्रामीणों ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ श्रद्धालुओं का अभिनंदन किया। लखराम में कैवर्त और धीवर समाज के प्रतिनिधियों ने भी यात्रा में सहभागिता निभाई। पहले दिन यात्रा का समापन टेकर में हुआ, जहां सचिन तिवारी की टीम ने माता का जगराता प्रस्तुत किया।
विधायक सुशांत शुक्ला ने कहा कि ध्वजा यात्रा सनातन संस्कृति, धार्मिक आस्था और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इसका उद्देश्य क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ समाज में सद्भाव की भावना को मजबूत करना है। केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू ने भी आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रम आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देते हैं।
आज टेकर से आगे बढ़ेगी यात्रा
ध्वजा यात्रा के दूसरे दिन सोमवार को टेकर से यात्रा शुरू होगी। इसके बाद गिधौरी, नेवसा, उसराभांठा, जाली, बेलतरा, बेलपारा, सलखा, बरपाली, धोरामुड़ा, करमा, बसहा, गोपालपुर और भिल्ली होते हुए भांड़ी में रात्रि विश्राम होगा। आयोजकों के अनुसार, यात्रा 7 दिनों में बेलतरा विधानसभा क्षेत्र की लगभग 48 ग्राम पंचायतों से होकर गुजरेगी। अंतिम चरण में रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर में ध्वजा अर्पित कर यात्रा का समापन किया जाएगा।