
बिलासपुर। मगरपारा स्थित स्वामी आत्मानंद डॉ. बीआर अंबेडकर उत्कृष्ट विद्यालय में सोमवार को बड़ा हादसा टल गया। करीब एक हजार विद्यार्थियों वाले स्कूल में पांच कमरों की फॉल्स सीलिंग अचानक गिर गई। गनीमत रही कि घटना स्कूल शुरू होने से पहले हुई, जिससे बच्चे और स्कूल स्टाफ बाल-बाल बच गए। फॉल्स सीलिंग गिरने की घटना के बाद स्कूल प्रबंधन ने सुरक्षा को देखते हुए 31 अगस्त तक विद्यार्थियों को स्कूल नहीं बुलाने का निर्णय लिया है।
स्कूल में कक्षा छठवीं, नौवीं और 11वीं के कमरों के अलावा स्टाफ क्वार्टर, प्राचार्य कक्ष और कंप्यूटर लैब की फॉल्स सीलिंग टूटकर नीचे गिर गई। कुछ कमरों में सीलिंग का हिस्सा जमीन पर बिखरा मिला। कंप्यूटर लैब में भी फॉल्स सीलिंग गिरने के बावजूद वहां रखा सामान सुरक्षित बताया गया है।
परीक्षा के बाद दोपहर में छुट्टी
सोमवार को स्कूल में एफए-1 (फॉर्मेटिव असेसमेंट) परीक्षा निर्धारित थी। घटना का पता चलने के बाद परीक्षा को सुरक्षित कमरों में कराया गया। परीक्षा समाप्त होने के बाद दोपहर करीब 1.30 बजे विद्यार्थियों की छुट्टी कर दी गई। मंगलवार को भी परीक्षा होने की स्थिति में स्कूल को सीमित समय के लिए खोला जा सकता है, लेकिन परीक्षा सुरक्षित कमरे में ही कराने की व्यवस्था की जाएगी।
स्कूल प्रबंधन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए 31 अगस्त तक नियमित कक्षाएं बंद रखने का निर्णय लिया है। इस दौरान फॉल्स सीलिंग और भवन की स्थिति की जांच एवं आवश्यक मरम्मत कराई जाएगी।
2022 में मिला था स्वामी आत्मानंद स्कूल का दर्जा
मगरपारा स्थित डॉ. बीआर अंबेडकर स्कूल कई वर्षों पुराना भवन है। वर्ष 2022 में इसे स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय का दर्जा दिया गया था। इसके पहले स्कूल भवन में लाखों रुपए के मरम्मत और जीर्णोद्धार कार्य कराए गए थे। कमरों में फॉल्स सीलिंग लगाने के साथ परिसर में टाइल्स सहित अन्य सुविधाओं का विकास किया गया था।
बिलासपुर जिले में स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय योजना के तहत शुरुआती दौर में 12 प्रमुख अंग्रेजी माध्यम स्कूल शुरू किए गए थे। बाद में चरणबद्ध तरीके से इसका विस्तार किया गया और जिले में अंग्रेजी माध्यम तथा उत्कृष्ट हिंदी माध्यम के 30 से अधिक स्कूल संचालित किए गए। मौजूदा सरकारी स्कूल भवनों के जीर्णोद्धार के साथ इनमें साइंस लैब, स्मार्ट क्लासरूम, हाईटेक लाइब्रेरी और खेल सुविधाएं विकसित की गईं। जानकारी के अनुसार 30 से अधिक स्कूलों के इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन पर करीब 50 करोड़ रुपए खर्च किए गए।
छत पर पानी जमा होने से सीपेज
स्कूल की प्राचार्य सुधा गोपाल ने बताया कि छत पर पानी जमा होने और दीवारों में सीपेज की समस्या के कारण फॉल्स सीलिंग कमजोर हुई और गिर गई। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए किसी तरह का जोखिम नहीं लिया जा रहा है। मरम्मत का काम पूरा होने तक स्कूल को बंद रखा जाएगा।
फॉल्स सीलिंग गिरने की होगी जांच
स्मार्ट सिटी के जीएम टेक्निकल शारदा प्रसाद साहू ने कहा कि फॉल्स सीलिंग कैसे और किन कारणों से गिरी, इसकी जांच कराई जाएगी। इसके लिए निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदार की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही यह भी जांचा जाएगा कि संबंधित कार्य अभी परफॉर्मेंस गारंटी की अवधि में है या नहीं। जांच के आधार पर आगे आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल में एक साथ कई कमरों की फॉल्स सीलिंग गिरने की घटना ने भवन की गुणवत्ता और रखरखाव को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि सीलिंग गिरने की वजह केवल सीपेज थी या निर्माण एवं सामग्री की गुणवत्ता से जुड़ा कोई अन्य कारण भी जिम्मेदार है।