ठेके पर जांच का जिम्मा संभाल रही एचएलएल कंपनी का अगले दिन रिपोर्ट देने का दावा फेल, 49 केंद्रों से नमूने लेने और समय पर रिपोर्ट पहुंचाने में आ रही दिक्कत

बिलासपुर। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को समय पर पैथोलॉजी जांच रिपोर्ट उपलब्ध कराने की व्यवस्था महज 4 महीने में ही बेपटरी होती नजर आ रही है। खून, पेशाब और अन्य जरूरी जांचों की रिपोर्ट के लिए मरीजों को 3 दिन तक इंतजार करना पड़ रहा है। शासन ने जांच की जिम्मेदारी निजी कंपनी एचएलएल को सौंपी है। अनुबंध के अनुसार, नमूने लेने के अगले दिन अस्पताल खुलने से पहले रिपोर्ट उपलब्ध करानी है, ताकि मरीजों को बार-बार अस्पताल के चक्कर न लगाने पड़ें। लेकिन जमीनी स्तर पर इस व्यवस्था का लाभ मरीजों को नहीं मिल पा रहा है।

जिले के 49 केंद्रों से रोजाना नमूने एकत्र कर उनकी जांच कराने और रिपोर्ट संबंधित अस्पतालों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी कंपनी को दी गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को विशेष रूप से राहत देने के उद्देश्य से अगले दिन सुबह तक रिपोर्ट उपलब्ध कराने का दावा किया गया था। इसके बावजूद तखतपुर के जूनापारा, मस्तूरी के जोंधरा, बिल्हा के बेलतरा और कोटा के औरापानी स्थित सामुदायिक एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में रिपोर्ट के लिए मरीजों को इंतजार करना पड़ रहा है। शहर से 50-55 किलोमीटर दूर स्थित केंद्रों के साथ करीब 35 किलोमीटर दूरी वाले केंद्रों तक भी समय पर रिपोर्ट नहीं पहुंच पा रही है।

मशीनें खराब, रिपोर्ट प्रिंट करने के लिए कागज तक नहीं

जिला अस्पताल, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से नमूने लेकर जांच करने की जिम्मेदारी एचएलएल कंपनी को 20 मई से दी गई है। बताया जा रहा है कि नमूनों की संख्या अधिक होने और मशीनों के बार-बार खराब होने से जांच का काम लंबित हो रहा है। स्थिति यह है कि रिपोर्ट प्रिंट करने के लिए लैब में कागज तक उपलब्ध नहीं रहता। पिछले 4 महीनों में 5-6 बार कागज खत्म होने की स्थिति सामने आ चुकी है। इससे रिपोर्ट तैयार होने के बाद भी मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

240 करोड़ रुपए का अनुबंध, 136 प्रकार की जांच

जानकारी के अनुसार, एचएलएल कंपनी के साथ करीब 240 करोड़ रुपए का अनुबंध किया गया है। इसके तहत छत्तीसगढ़ में 136 प्रकार की पैथोलॉजी जांच निजी व्यवस्था के माध्यम से कराने की योजना है। प्रदेश में करीब 6 हजार कर्मचारी इस व्यवस्था से जुड़े हैं। बिलासपुर जिले में कंपनी के साथ 39 लैब तकनीशियन काम कर रहे हैं।

स्वास्थ्य विभाग ने सरकारी अस्पतालों की लैब जांच सेवाओं के संचालन के लिए केरल की एचएलएल कंपनी के साथ 5 साल का अनुबंध किया है। हालांकि, अस्पतालों के भवन और उपलब्ध संसाधन सरकारी हैं। व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए सरकारी लैब तकनीशियनों से भी सहयोग लिया जा रहा है। विभाग के अनुसार, जब तक कंपनी के पास सभी जरूरी मशीनें और पर्याप्त कर्मचारी उपलब्ध नहीं हो जाते, तब तक सरकारी तकनीकी कर्मचारी सहयोग करते रहेंगे।

तीसरे दिन मिल रही रिपोर्ट, सुधार का दावा

सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल ने स्वीकार किया कि फिलहाल जांच रिपोर्ट मिलने में देरी हो रही है। उन्होंने बताया कि अभी पहले दिन नमूने लिए जा रहे हैं, दूसरे दिन उन्हें जमा किया जाता है और तीसरे दिन रिपोर्ट मिल रही है। व्यवस्था में धीरे-धीरे सुधार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पूरी व्यवस्था तैयार होने तक सरकारी लैब तकनीशियन निजी कंपनी के कर्मचारियों को सहयोग करेंगे। यह निर्णय शासन स्तर पर लिया गया है।