पांच महीने में 12 किस्तों में जमा कराई रकम, मुनाफे का झांसा देकर चांटीडीह के युवक से ठगी; श्रिया, राज और राजवीर नाम से संपर्क करने वाले आरोपियों के फोन बंद
बिलासपुर। शेयर ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का झांसा देकर साइबर ठगों ने सरकंडा क्षेत्र के एक निजी संस्थान में काम करने वाले युवक से 7.20 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपियों ने पांच महीने तक फर्जी ट्रेडिंग एप में उसकी निवेश की गई रकम पर मुनाफा बढ़ता हुआ दिखाया। एप में बैलेंस 19.85 लाख रुपए पहुंचने पर युवक ने रकम निकालने की कोशिश की तो 7.20 लाख रुपए होल्ड कर दिए गए। 15 दिन में सेटलमेंट कर रकम लौटाने का भरोसा दिया गया, लेकिन इसके बाद आरोपियों के मोबाइल नंबर बंद हो गए। उनके बताए ऑफिस का पता भी फर्जी निकला।
अशोक विहार चांटीडीह निवासी अश्वनी को 25 दिसंबर 2025 को श्रिया यादव नाम की महिला ने फोन किया था। उसने शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफा कमाने का लालच दिया। उसकी बातों में आकर अश्वनी ने बताए गए लिंक से ट्रेडिंग एप डाउनलोड कर लिया। दिसंबर 2025 से मई 2026 के बीच आरोपियों ने अभिषेक कुमार और अविनाश कुमार की यूपीआई आईडी पर 12 किस्तों में कुल 7.20 लाख रुपए जमा कराए। शुरुआत 5 हजार रुपए से हुई और बाद में 99 हजार रुपए तक की किस्तें जमा कराई गईं। एप में निवेश की रकम लगातार बढ़ती दिखाई गई। बैलेंस 19.85 लाख रुपए होने पर अश्वनी ने निकासी का प्रयास किया, लेकिन रकम होल्ड कर दी गई। आरोपियों ने 15 दिन में सेटलमेंट का आश्वासन दिया। इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो सका। श्रिया, राज और राजवीर नाम से संपर्क करने वाले लोगों के मोबाइल नंबर बंद मिले। ऑफिस का पता भी फर्जी निकला।
सेबी रजिस्टर्ड ट्रेडिंग कंपनी बताकर सीए छात्र से 8 लाख की ठगी
बिलासपुर। शेयर ट्रेडिंग में निवेश और बेहतर सर्विस देने का झांसा देकर साइबर ठगों ने तोरवा निवासी सीए फाइनल के छात्र वुगराला राव से 8 लाख रुपए ठग लिए। आरोपियों ने खुद को सेबी से रजिस्टर्ड ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताकर छात्र को भरोसे में लिया। शिकायत के बाद तोरवा पुलिस ने गुरुवार को मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित के मुताबिक, 21 सितंबर को उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को सेबी रजिस्टर्ड कंपनी से जुड़ा बताते हुए शेयर ट्रेडिंग टिप्स और निवेश संबंधी सेवाएं देने का प्रस्ताव रखा। उसने सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम नाम से तीन प्लान बताए। अधिक लाभ की उम्मीद में छात्र ने प्लेटिनम प्लान चुन लिया।
इसके बाद आरोपियों ने 22 सितंबर से 20 अक्टूबर के बीच अलग-अलग किस्तों में 14 बार ऑनलाइन माध्यम से कुल 8 लाख रुपए जमा करा लिए। रकम लेने के बाद न तो वादा की गई सेवाएं दी गईं और न ही पैसे वापस किए गए। ठगी का एहसास होने पर छात्र ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर तोरवा पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू की है।
ट्रेडिंग के नाम पर ठगी से बचने के लिए सावधानी
- निवेश करने से पहले कंपनी और ब्रोकर का सेबी पंजीकरण आधिकारिक वेबसाइट पर जरूर जांचें।
- किसी व्यक्ति के निजी बैंक खाते या यूपीआई आईडी पर निवेश की रकम जमा न करें।
- फर्जी ट्रेडिंग एप में मुनाफा और बैलेंस बढ़ता दिखाई देना वास्तविक कमाई का प्रमाण नहीं है।
- किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर एप डाउनलोड न करें और न ही निवेश करें।
- ऑनलाइन ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें, ताकि ठगी की रकम को फ्रीज कराने की कोशिश की जा सके।