
बिलासपुर/कोटा। कोटा थाना क्षेत्र में रेलवे कर्मचारी से कलेक्शन राशि लूटने और घर में घुसकर हथियार की नोक पर सोने के जेवर लूटने के मामलों का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने दोनों वारदातों में शामिल छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक पिस्टल, सोने के आभूषण, घटना में प्रयुक्त आर्टिका कार, प्लेटिना मोटरसाइकिल और छह मोबाइल बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार दोनों घटनाओं में लूटा गया शत-प्रतिशत माल बरामद कर लिया गया है।
पुलिस के मुताबिक वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देश पर जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘चेतना विरुद्ध नशा’ एवं ‘प्रहार अभियान’ के तहत कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में कोटा पुलिस ने लगातार जांच और मुखबिर तंत्र के जरिए इन दोनों मामलों का पर्दाफाश किया।
पहली घटना 8 जुलाई 2026 की है। बेलगहना रेलवे स्टेशन से 7,430 रुपये की कलेक्शन राशि लेकर जा रहे रेलवे कर्मचारी को बड़े बराबर मोड़ के सलका डैम के पास अज्ञात आरोपियों ने निशाना बनाया था। आरोपियों ने कर्मचारी से बैग झपटा और धक्का देकर उसे गिरा दिया। मामले में कोटा थाने में अपराध क्रमांक 559/2026, धारा 304(2), 3(5) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
दूसरी वारदात 18 जुलाई 2026 को हुई। आरोपियों ने बुर्का पहनकर राजकुमारी जायसवाल के घर में प्रवेश किया और मारपीट करते हुए हथियार दिखाकर सोने के जेवर लूट लिए। पुलिस के अनुसार लूटे गए जेवरों में तीन फल लॉकेट और दो गेहूं दाना शामिल थे, जिनकी कीमत करीब 50 हजार रुपये बताई गई। इस मामले में भी कोटा थाने में संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान घटनास्थल के निरीक्षण, गवाहों के बयान और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस को आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले। वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना देने के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण मधुलिका सिंह और एसडीओपी कोटा नूपुर उपाध्याय के मार्गदर्शन में टीम गठित की गई। टीम ने दबिश देकर छह आरोपियों राकेश जायसवाल (35), दिव्यांशु जायसवाल (24), आदर्श तिवारी (26), हर्ष नामदेव (25), हर्ष सोनी (24) और सनी सिंह (35) को गिरफ्तार कर लिया।
राकेश ने बनाई थी लूट की योजना
पुलिस जांच में सामने आया कि राकेश जायसवाल इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। उसने अपने साथियों दिव्यांशु जायसवाल और आदर्श तिवारी के साथ मिलकर वारदात की योजना बनाई थी। योजना को अंजाम देने के लिए उन्होंने सनी सिंह से पिस्टल की व्यवस्था करने को कहा। पुलिस के अनुसार सनी सिंह सभी को रीवा लेकर गया, जहां उसके भाई के माध्यम से पिस्टल उपलब्ध कराई गई।
पुलिस के मुताबिक दोनों घटनाओं की योजना राकेश, आदर्श और दिव्यांशु ने मिलकर बनाई थी। वारदात के बाद लूटे गए सोने को हर्ष नामदेव की मदद से हर्ष सोनी को बेचा गया। हर्ष सोनी ज्वेलरी की दुकान संचालित करता है। जेवर बेचने के बाद आरोपियों ने रकम आपस में प्राप्त की।
ये सामान हुए बरामद
कोटा पुलिस ने आरोपियों से एक पिस्टल, सोने के आभूषण, आर्टिका कार क्रमांक CG 10 BL 1645, प्लेटिना मोटरसाइकिल क्रमांक CG 10 EN 4637 और छह मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि दोनों वारदातों से संबंधित 100 प्रतिशत माल बरामद कर लिया गया है।
सभी आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर मेमोरेंडम कथन के आधार पर कार्रवाई करते हुए न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
इस कार्रवाई में निरीक्षक शशिकांत भारद्वाज, सहायक उप निरीक्षक शिव कुमार साहू, सहायक उप निरीक्षक भरत राठौर, प्रधान आरक्षक सत्य प्रकाश यादव, आरक्षक धर्मेंद्र साहू, आरक्षक संजय श्याम सहित थाना कोटा पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने पुलिस टीम के कार्य की सराहना करते हुए कर्मचारियों के लिए नगद पुरस्कार की घोषणा की है।