
बिलासपुर। सरकारी दफ्तरों के बिजली बिल बकाया होने पर कनेक्शन काटने की कार्रवाई फिलहाल रोक दी गई है। सोमवार से ब्लॉक स्तर पर बिजली विभाग की टीमों द्वारा कार्रवाई शुरू की जानी थी। कुछ स्थानों पर अधिकारी कनेक्शन काटने के लिए पहुंच भी गए थे, लेकिन प्रबंधन के नए निर्देश के बाद कार्रवाई रोक दी गई। अब सरकारी कार्यालयों के कनेक्शन काटने से पहले संबंधित कार्यालयों की सूची विद्युत विभाग के कार्यपालक निदेशक (ED) को भेजनी होगी। ED की मंजूरी और निर्देश के आधार पर ही कनेक्शन काटे जाएंगे।
बिजली विभाग के प्रबंध निदेशक (MD) के निर्देश के बाद शहर और ग्रामीण क्षेत्र के अधीक्षण यंत्रियों को अपने-अपने क्षेत्र में बकाया बिजली बिल वाले सरकारी दफ्तरों की सूची तैयार करने को कहा गया है। सूची तैयार होने के बाद उसे ED के पास भेजा जाएगा। जिन कार्यालयों के कनेक्शन काटने की अनुमति मिलेगी, उन्हीं के खिलाफ आगे कार्रवाई की जाएगी।
पहले सूची तैयार होगी, फिर कटेगी लाइन
नए निर्देशों के अनुसार किसी भी ब्लॉक में सरकारी कार्यालय का बिजली कनेक्शन सीधे नहीं काटा जाएगा। संबंधित क्षेत्र के सरकारी दफ्तरों की सूची पहले तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजनी होगी। सूची के आधार पर ED द्वारा जिन कार्यालयों में कनेक्शन काटने के निर्देश दिए जाएंगे, बिजली विभाग की टीम उन्हीं के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
ग्रामीण क्षेत्र से पहली सूची में 84 दफ्तर
ग्रामीण क्षेत्र के अधीक्षण यंत्री सुरेश जांगड़े ने मुंगेली, लोरमी, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM), कोटा, बेलतरा, मस्तूरी और बिल्हा क्षेत्र के बकायादार सरकारी कार्यालयों की सूची तैयार कर सोमवार शाम ED को सौंप दी है। बताया जा रहा है कि ग्रामीण क्षेत्र से भेजी गई पहली सूची में करीब 84 सरकारी दफ्तरों के नाम शामिल हैं। अब इन कार्यालयों के संबंध में ED के निर्देश का इंतजार है।
बिजली विभाग के ED एके अम्बस्थ ने स्पष्ट किया कि सरकारी कार्यालयों पर बकाया बिजली बिल के मामलों में कार्रवाई सूची और उच्च स्तर से मिले निर्देश के आधार पर की जाएगी। यानी अब संबंधित सरकारी दफ्तरों की लाइन काटने का फैसला स्थानीय स्तर पर सीधे नहीं लिया जाएगा।
इस नई व्यवस्था से फिलहाल सरकारी कार्यालयों के बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई टल गई है। हालांकि जिन कार्यालयों के नाम ED द्वारा अनुमोदित सूची में शामिल होंगे, उनके खिलाफ आगे बिजली विभाग द्वारा कार्रवाई की जा सकती है।