बिलासपुर। 28 अगस्त की रात दो पक्षों के बीच हुए विवाद, पथराव, तोड़फोड़ और हत्या के प्रयास के मामले में फरार चल रहा निगरानी बदमाश सोहेल पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच सरेंडर करने कोनी थाना पहुंचने वाला था। हालांकि, पुलिस को इसकी भनक पहले ही लग गई और एसीसीयू की टीम ने उसे कोनी थाना के गेट से ही हिरासत में ले लिया। सोहेल के थाना पहुंचने का एक वीडियो भी सामने आया है।

पुलिस के मुताबिक सोहेल की तलाश में लगातार उसके रिश्तेदारों के घर और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी। पुलिस की कार्रवाई तेज होने के बाद उसके आत्मसमर्पण करने की जानकारी सामने आई। एसीसीयू ने निगरानी रखते हुए उसे थाना गेट पर ही पकड़ लिया। हिरासत में लेने के बाद देर रात तक उससे पूछताछ की गई। पुलिस ने सोहेल के अलावा दो अन्य संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है, जिन्हें बुधवार को न्यायालय में पेश किए जाने की बात कही जा रही है।

कोतवाली में दर्ज हैं 11 मामले

सोहेल के खिलाफ सिटी कोतवाली थाने में लूट, मारपीट, गुंडागर्दी सहित करीब 11 मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। उस पर मारपीट और गुंडागर्दी के अलावा एक युवक को आत्महत्या के लिए विवश करने का मामला भी दर्ज बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सोहेल खुद को निर्दोष बताने का प्रयास कर रहा है।

बवाल वाली रात बंदूक लेकर निकला था

पुलिस जांच में सामने आया है कि 28 अगस्त की रात हुए बवाल के दौरान सोहेल बंदूक लेकर मौके पर पहुंचा था। पुलिस के पास मौजूद सीसीटीवी फुटेज में उसके हाथ में बंदूक दिखाई दी है। विवाद के दौरान उसने कई राउंड फायरिंग भी की थी। और पकड़े जाने के बाद मासूम बनाकर कह रह है कि उसे तो उसके परिजनों ने बाहर ही निकलने नहीं दिया । पुलिस अब हथियार और फायरिंग से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच कर रही है।

सोहेल की ओर से विजेंद्र अनंत और छोटू अनंत भी मौके पर मौजूद बताए गए थे। दोनों के शहर से लगे एक गांव में छिपे होने की सूचना पर एसीसीयू की टीम ने मंगलवार तड़के दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार किया। बाद में दोनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

दूसरे पक्ष के राम सिंह की तलाश जारी

इधर, मामले में दूसरे पक्ष से आरोपी बनाए गए राम सिंह की तलाश भी पुलिस लगातार कर रही है। उसके रायपुर में होने की सूचना मिलने के बाद बिलासपुर पुलिस की टीम रायपुर पुलिस की मदद से उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। इसके अलावा पुलिस करीब दर्जनभर संदिग्धों से पूछताछ कर रही है और घटना से जुड़े अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।

ठाकुर राम सिंह के आत्मसमर्पण की चर्चा

मामले में हिंदू पक्ष से मुख्य आरोपी बनाए गए ठाकुर राम सिंह के भी पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण करने की संभावना जताई जा रही है। पुलिस उसकी गतिविधियों और संभावित ठिकानों पर नजर बनाए हुए है। दोनों पक्षों से जुड़े आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस अब 28 अगस्त की रात हुए पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।