सौरभ साहू


संघर्ष से सफलता तक का सफर साझा कर अधिकारियों ने युवाओं में जगाया आत्मविश्वास, कहा सफलता का एक ही मंत्र दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास

यूपीएससी एवं सीजीपीएससी में सफल हुए अधिकारियों ने दिए सफलता के टिप्स



सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत करियर मार्गदर्शन आयोजित


सूरजपुर/30 सिंतबर 2026/ सेवा संकल्प अभियान एवं सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम के तहत साधुराम सेवाकुंज सूरजपुर में प्रतियोगी परिक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थी सहित अन्य छात्र-छात्राओं के लिए केरियर मार्गदर्शन आयोजित किया गया कार्यक्रम में वन विकास विभाग के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए यूपीएससी एवं सीजीपीएससी के सफल अभियर्थियों प्रशासनिक अधिकारीयों ने विद्यार्थीयों से अपने संघर्ष तैयारी की रणनीति और सफलता के अनुभव साझा करते हुए उन्हे स्पष्ट लक्ष्य, अनुशासित अध्ययन और लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करने के लिए प्रेरित किया। 

इस दौरान कार्यक्रम में, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, जनपद अध्यक्ष सूरजपुर श्रीमती स्वाति सिंह, जनपद उपाध्यक्ष श्री मनमत बछाड़, रेडक्रॉस सोसायटी के चेयरमैन श्री बाबूलाल अग्रवाल, श्री रामकृपाल साहू, श्री ठाकुर राजवाड़े, श्री मुरली मनोहर सोनी, श्री सत्यनारायण जायसवाल, श्री राजेश महलवाला, श्री शशिकांत गर्ग, श्री संत सिंह, कलेक्टर श्रीमती रेना जमील, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल, वन मण्डलाधिकारी श्री विपुल अग्रवाल, जिला पंचायत सीईओ श्री विजेंद्र सिंह पाटले सहित, यूपीएससी एवं सीजीपीएससी में चयनित अधिकारी श्री डायमंड धु्रव , श्री अजय गुप्ता, सुश्री सुषमिता सिंह, सुश्री सुषमिता टोंड्रे, सुश्री वैभवी अग्रवाल, श्री यशवंत देवागंन, श्री अंकित सकनी, श्री रौनक अग्रवाल, श्री संजय, श्री दर्शन सिंह बघेल अन्य अतिथि एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्रायें उपस्थित थे। इस दौरान वर्चुअल रूप से जुड़कर श्री रवि राज ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि आवश्यक है कि सफलता प्राप्त करने के लिए कंर्फ्ट जोन से बाहर निकलना पड़ेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सफलता प्राप्त करने का कोई शॉर्टकट नहीं है सफलता की एक ही कुंजी है कि आपको पूरी लगन के साथ मेहनत करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि एक ऐसा दोस्त बनाओं जो आपको 

कार्यक्रम में वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा ने संबोधित करते हुए कहा कि जीवन में किसी मुकाम तक पहुंचने के लिए अनेक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यूपीएससी एवं सीजीपीएससी में चयनित सफल अभ्यर्थियों को बधाई देते हुए कहा कि पहले संसाधनों के अभाव में भी विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत और लगन से सफलता प्राप्त की। एक समय ऐसा भी था, जब विद्यार्थी लालटेन और दीये की रोशनी में पढ़कर अपना भविष्य संवारते थे। आज अध्ययन के लिए अनेक सुविधाएं और संसाधन उपलब्ध हैं। विद्यार्थियों को इनका बेहतर उपयोग करते हुए अपने लक्ष्य की ओर निरंतर प्रयास करना चाहिए।

श्री बाबूलाल अग्रवाल ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान अंतर्गत करियर मार्गदर्शन युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने और उन्हें अपने करियर के प्रति जागरूक बनाने में यह कार्यक्रम निश्चित रूप से मील का पत्थर साबित होगा। श्री ठाकुर प्रसाद राजवाड़े ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवाओं को प्रेरणा देने के साथ अपने लक्ष्य तक पहुंचने का मार्गदर्शन प्रदान करते हैं। विद्यार्थी जीवन भविष्य की नींव रखने का महत्वपूर्ण समय है। इस दौरान लिए गए निर्णय और किए गए प्रयास जीवन की दिशा तय करते हैं। इसलिए समय का सदुपयोग करते हुए पूरी लगन और अनुशासन के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ें।

करियर मार्गदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर श्रीमती रेना जमील ने कहा कि हर अधिकारी की सफलता की अपनी एक अलग कहानी होती है। जब हम भी आपकी तरह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे थे, तब इसी तरह आपके स्थान पर बैठकर अपने भविष्य और करियर को लेकर अनेक सवालों के जवाब तलाशते थे। इसलिए आपकी जिज्ञासाओं और चुनौतियों को हम भली-भांति समझते हैं। स्पष्ट लक्ष्य, नियमित अध्ययन और निरंतर प्रयास से आप भी सफलता प्राप्त कर सकते हैं।।

यूपीएससी में चयनित श्री डायमंड धु्रव ने कहा कि सफलता का एक ही कुंजी होता है निरंतर प्रयास करते रहिये। उन्होंने अपने अधिकारी बनने के पूर्व की तैयारीयों की यादे विद्यार्थियों के साथ साझा किया। श्री अजय गुप्ता ने कहा कि वे कृषक परिवार से हैं और उनकी सफलता में माता-पिता के सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने छठवें प्रयास में सफलता प्राप्त की। अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा कि आज एआई के दौर में अध्ययन सामग्री और संसाधनों की कमी नहीं है, लेकिन सही एवं उपयोगी सामग्री का चयन करना जरूरी है। इसमें उचित मार्गदर्शन की बड़ी भूमिका होती है। अभ्यर्थियों को पाठ्यक्रम और पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों का अध्ययन कर अपनी तैयारी की रणनीति बनानी चाहिए। नियमित अध्ययन के साथ नोट्स तैयार करें, समय-समय पर पुनरावृत्ति करें और टेस्ट सीरीज के माध्यम से अपनी तैयारी का आकलन करते रहें।

सरगुजा में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर सुश्री सुष्मिता टोंड्रे ने सीजीपीएससी की तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन देते हुए कहा कि लक्ष्य की स्पष्टता और उसे प्राप्त करने की इच्छा तैयारी के दौरान प्रेरणा देती है। उन्होंने बताया कि जब उनसे साक्षात्कार में पूछा गया कि आप डिप्टी कलेक्टर क्यों बनना चाहते हैं जिस पर उन्होंने कहा कि अगर मैं डिप्टी कलेक्टर बनती हूं तो मेरे क्षेत्र के ऐसे कई लोगों का मनोबल बढ़ेगा और उनके भी हौसले बुलंद होंगे। 

सुश्री सुष्मिता सिंह ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा सूरजपुर जिले से हुई है। वे अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अध्ययन की योजना बनाने, महत्वपूर्ण तथ्यों को हाइलाइट करने और संक्षिप्त नोट्स तैयार करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि पुस्तकों का चयन सोच-समझकर करें और अध्ययन सामग्री सीमित रखें, जिससे भ्रम की स्थिति न बने। साथ ही अपने लक्ष्य से जुड़े ऐसे प्रेरक बिंदु लिखकर रखें, जो कठिन समय में भी आगे बढ़ने का उत्साह देते रहें। इस दौरान उन्होंने यूपीएससी की तैयारी की रणनीति भी साझा की तथा अखबार पढ़ने के तरीके और उपयोगी पुस्तकों के चयन के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए आत्मविश्वास, दृढ़ इच्छाशक्ति और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पण आवश्यक है। अभ्यर्थियों को अपनी तैयारी में रुचि बनाए रखते हुए नियमित अध्ययन और निरंतर प्रयास करना चाहिए।

श्री अंकित ने बताया कि वे बस्तर संभाग के बीजापुर से हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग के बीजापुर जिले से आते है, जो कभी नक्सल प्रभावित क्षेत्र था। उन्होंने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में निरंतरता आवश्यक है। अभ्यर्थियों को अपनी कमजोरियों और क्षमताओं को पहचानकर अध्ययन की रणनीति बनानी चाहिए। समय-सारणी तैयार करना और उसका नियमित पालन करना जरूरी है। उन्होंने युवाओं को सोशल मीडिया पर कम समय बिताने तथा पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि असफलता से घबराने के बजाय उससे सीख लेकर प्रयास जारी रखें, क्योंकि निरंतर मेहनत और दृढ़ संकल्प से ही सफलता प्राप्त होती है।

सूरजपुर में पदस्थ डिप्टी कलेक्टर श्री यशवंत देवांगन ने भी विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के संबंध में मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी सही अध्ययन सामग्री का चयन करें और महत्वपूर्ण विषयों के संक्षिप्त नोट्स बनाएं। तैयारी के दौरान आत्मविश्वास बनाए रखें तथा दूसरों से तुलना करने के बजाय अपने प्रदर्शन में निरंतर सुधार करें। उन्होंने कहा कि हमारे वास्तविक प्रतियोगी हम स्वयं हैं। तैयारी का माध्यम कोई भी भाषा हो, सफलता के लिए विषय की समझ, सही रणनीति और नियमित अभ्यास महत्वपूर्ण हैं। इस दौरान उन्होेंने सीजीपीएससी की तैयारी के लिए जरूरी टिप्स देते हुए विद्याथियों की जिज्ञासापूर्ण सवालों के जवाब भी दिए। इसके साथ ही पूरी तनमयता के साथ लक्ष्य को प्राप्त करने दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ मेहनत करने को कहा।