राजधानी रिपोर्टर/सौरभ साहू कि विशेष रिपोर्ट,,,

दिनांक 20/08/2026,

लोकेशन, अम्बिकापुर जिला सरगुजा छत्तीसगढ़।।


सरगुजा/अंबिकापुर, संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष के अवसर पर देशभर में सामाजिक समरसता, समानता और मानवता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में अंबिकापुर विश्राम गृह में ‘समरसता संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित कलश वंदन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के कैबिनेट मंत्री श्री राजेश अग्रवाल जी ने सहभागिता की और संत रविदास महाराज को श्रद्धापूर्वक नमन किया।

कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल जी ने संत रविदास महाराज के जीवन, विचारों और उनके सामाजिक संदेश को याद करते हुए कहा कि संत रविदास जी ने समाज को जाति-पंथ और भेदभाव से ऊपर उठकर समानता, भाईचारे, सद्भाव और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उनके विचार आज भी समाज को एकजुट करने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।


 *कलश वंदन बना समरसता का प्रतीक* 


‘समरसता संकल्प अभियान’ के अंतर्गत आयोजित कलश वंदन कार्यक्रम केवल एक धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे संत रविदास जी के विचारों और उनके समतामूलक संदेश को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने के अभियान के रूप में देखा जा रहा है। संत रविदास महाराज ने अपने जीवन और वाणी के माध्यम से समाज में व्याप्त ऊंच-नीच और भेदभाव की भावना के विरुद्ध आवाज उठाई। उन्होंने ऐसे समाज की कल्पना की, जहां प्रत्येक व्यक्ति को समान सम्मान और अधिकार मिले। आज उनके यही विचार सामाजिक एकता और सद्भाव के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।


 *कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल ने व्यक्त की श्रद्धा* 


अंबिकापुर विश्राम गृह में आयोजित कार्यक्रम में मंत्री राजेश अग्रवाल जी ने कलश का वंदन कर संत रविदास महाराज के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। उन्होंने कहा कि संत रविदास जी का संदेश किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि उनकी शिक्षाएं पूरे मानव समाज के लिए प्रेरणादायक हैं।

उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि संत रविदास जी के विचारों को केवल आयोजनों तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके संदेश को अपने व्यवहार और सामाजिक जीवन में भी उतारा जाए। समाज में आपसी सम्मान, भाईचारा और सहयोग की भावना मजबूत होगी, तभी एक समरस समाज का निर्माण संभव है।


 *जन-जन तक पहुंचेगा समानता और सद्भाव का संदेश* 


समरसता संकल्प अभियान के माध्यम से संत रविदास जी के जीवन दर्शन, सामाजिक समानता और मानवता के संदेश को आमजन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। कलश वंदन कार्यक्रम इसी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसके माध्यम से श्रद्धा के साथ-साथ समाज को एकता और समरसता का संदेश भी दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने संत रविदास महाराज के बताए मार्ग पर चलने तथा समाज में भेदभाव को समाप्त कर आपसी भाईचारे और सद्भाव को बढ़ावा देने का संकल्प लिया।


अंबिकापुर में आयोजित यह कार्यक्रम संत रविदास महाराज की 650वीं जयंती वर्ष को श्रद्धा और सामाजिक चेतना के साथ मनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया। छत्तीसगढ़ पर्यटन, संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल जी की सहभागिता ने कार्यक्रम को राजनीतिक प्रतिनिधित्व के साथ-साथ सामाजिक समरसता के संदेश से भी जोड़ा।

संत रविदास महाराज का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है—समाज में समानता, आपसी सम्मान और मानवता की भावना को मजबूत करना ही सच्ची समरसता है।


 *संत गुरु रविदास महाराज की जय!* 

समरसता और सद्भाव का संदेश जन-जन तक पहुंचे—यही अभियान का संकल्प है।