1.55 लाख मीटर लगाने थे, अब तक 1.07 लाख लगे; बढ़े बिल की शिकायतों के बीच बदली रणनीति, नए कनेक्शन और खराब मीटर वालों को प्राथमिकता

बिलासपुर। स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल बढ़ने की शिकायतों के बीच उपभोक्ताओं का विरोध लगातार बढ़ रहा है। कई इलाकों में उपभोक्ता पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने का विरोध कर रहे हैं। इसके चलते बिजली विभाग ने सामान्य तरीके से स्मार्ट मीटर लगाने की रफ्तार धीमी कर दी है। शहर में 1.55 लाख स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य है, जिसमें अब तक करीब 1.07 लाख मीटर लगाए जा चुके हैं। अब नए कनेक्शन और खराब मीटर वाले उपभोक्ताओं के यहां प्राथमिकता से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।

कई क्षेत्रों में जीनस कंपनी के कर्मचारी स्मार्ट मीटर लगाने पहुंच रहे हैं, लेकिन उपभोक्ताओं के विरोध के कारण उन्हें पुराने मीटर हटाने में परेशानी हो रही है। उपभोक्ताओं का कहना है कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद उनके बिजली बिल पहले की तुलना में बढ़ गए हैं। वहीं बिजली विभाग का कहना है कि बिल वास्तविक खपत के आधार पर ही तैयार हो रहे हैं।

47 मीटर की लैब में जांच, सभी सही मिले

स्मार्ट मीटर की सटीकता को लेकर विभाग ने अलग-अलग क्षेत्रों में चेक मीटर भी लगाए हैं। इसके जरिए स्मार्ट मीटर और चेक मीटर की रीडिंग का मिलान किया जा रहा है। जिन उपभोक्ताओं को मीटर की रीडिंग पर संदेह है, उन्हें मीटर लैब में जांच कराने की सुविधा भी दी गई है। बीते महीने 47 उपभोक्ताओं ने अपने मीटर की जांच कराई। विभाग के अनुसार लैब जांच में सभी मीटर सही पाए गए।

हर महीने बिल जारी होते ही 50 से ज्यादा शिकायतें

स्मार्ट मीटर को लेकर सबसे ज्यादा शिकायतें बिजली बिल को लेकर सामने आ रही हैं। हर महीने बिल जारी होने के बाद बिजली विभाग के कार्यालयों में बड़ी संख्या में उपभोक्ता अधिक बिल आने की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। विभाग के अनुसार रोजाना 50 से अधिक उपभोक्ता इस तरह की शिकायत लेकर पहुंचते हैं। विभाग की ओर से उन्हें वास्तविक खपत के आधार पर बिल जारी होने की जानकारी दी जाती है, लेकिन इससे उपभोक्ताओं की नाराजगी दूर नहीं हो रही है।

कांग्रेस भी घर-घर चला रही विरोध अभियान

स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं के विरोध के बीच कांग्रेस ने भी इसे मुद्दा बना लिया है। कांग्रेस कार्यकर्ता शहर में घर-घर जाकर अभियान चला रहे हैं। इस दौरान लोगों को स्मार्ट मीटर के संबंध में जानकारी देने के साथ इसके विरोध में जागरूक किया जा रहा है।

नए कनेक्शन और खराब मीटर वालों को प्राथमिकता

अधीक्षण यंत्री पीएल सिदार ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाने का काम बंद नहीं हुआ है। उपभोक्ताओं के विरोध को देखते हुए फिलहाल कार्ययोजना में बदलाव किया गया है। अब नए कनेक्शन लेने वाले और जिन उपभोक्ताओं के पुराने मीटर खराब हैं, उनके यहां प्राथमिकता से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।