बिलासपुर। जिले के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की मनमानी और अनुशासनहीनता के मामलों पर शिक्षा विभाग ने कार्रवाई शुरू कर दी है। कोटा ब्लॉक के सोनपुरी प्राथमिक स्कूल में पदस्थ सहायक शिक्षक अभिमन्यु मरकाम को लंबे समय तक बिना अनुमति अनुपस्थित रहने और नशे की हालत में BEO कार्यालय पहुंचकर अभद्रता करने के मामले में निलंबित कर दिया गया है। वहीं, बिल्हा ब्लॉक के अचानकपुर PM श्री प्राथमिक स्कूल के प्रधान पाठक सलीम मोहम्मद के खिलाफ भी लगातार अनुपस्थित रहने और स्कूल संचालन में लापरवाही के आरोप में अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की गई है।
कोटा के सोनपुरी प्राथमिक स्कूल के सहायक शिक्षक अभिमन्यु मरकाम 15 जुलाई से 6 सितंबर तक करीब 54 दिन तक बिना अनुमति स्कूल से अनुपस्थित रहे। इसके बाद 7 सितंबर को वह शराब के नशे में BEO कार्यालय कोटा पहुंचे और A-BEO से अभद्रता की। जांच के दौरान मेडिकल रिपोर्ट में उनके शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई। घटना की सूचना थाना कोटा को भी दी गई थी।
कोटा BEO की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद DEO कार्यालय ने मामले की जांच की। रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक का आचरण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के विपरीत पाया गया। इसके बाद 25 सितंबर को उन्हें निलंबित कर तखतपुर BEO कार्यालय से अटैच कर दिया गया। बताया गया है कि 7 सितंबर की घटना के बाद भी शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचे थे।
प्रधान पाठक पर भी कार्रवाई की अनुशंसा
इधर, बिल्हा ब्लॉक के PM श्री प्राथमिक शाला अचानकपुर के प्रधान पाठक सलीम मोहम्मद के खिलाफ भी कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। बिल्हा BEO भूपेंद्र कौशिक ने 17 सितंबर को स्कूल का औचक निरीक्षण किया था। इस दौरान केवल दो शिक्षक उपस्थित मिले, जबकि प्रधान पाठक अनुपस्थित थे।
जांच में उनके कथित तौर पर रोजाना 2 से 3 घंटे स्कूल से बाहर रहने और बच्चों की छुट्टी निर्धारित समय से पहले करीब 2.30 बजे किए जाने की बात सामने आई। इससे पहले 25 अगस्त को संकुल प्राचार्य के निरीक्षण में भी प्रधान पाठक अनुपस्थित मिले थे। इस पर 1 सितंबर को उन्हें स्पष्टीकरण जारी कर चेतावनी दी गई थी।
दोबारा निरीक्षण में अनुपस्थित पाए जाने के बाद BEO ने मामले को गंभीर मानते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र भेजकर अनुशासनात्मक कार्रवाई की अनुशंसा की है। दोनों मामलों ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति, अनुशासन और बच्चों की पढ़ाई को लेकर विभागीय निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।