पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने किया लोकार्पण, डिजिटल व्यवस्था से जब्त संपत्ति का होगा बेहतर प्रबंधन
बिलासपुर, 26 अक्टूबर। जिले में पुलिस की आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने और कार्यप्रणाली को आधुनिक बनाने की दिशा में सिविल लाइन स्थित नगर पुलिस अधीक्षक (सीएसपी) कार्यालय के नए भवन, पचपेड़ी थाना भवन और रतनपुर व पचपेड़ी में ई-मालखानों का लोकार्पण किया गया। पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने रतनपुर थाना निरीक्षण के दौरान इन सुविधाओं का लोकार्पण किया। नई व्यवस्थाओं से पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को बेहतर कार्यस्थल मिलने के साथ ही जब्त संपत्ति के सुरक्षित रखरखाव और अभिलेखों के डिजिटल प्रबंधन को बढ़ावा मिलेगा।
पचपेड़ी में नए थाना भवन के शुरू होने से पुलिस के कामकाज और आम नागरिकों की शिकायतों के निराकरण में सहूलियत होगी। वहीं, रतनपुर और पचपेड़ी में स्थापित ई-मालखानों के माध्यम से जब्त सामग्री और विभिन्न आपराधिक प्रकरणों से संबंधित संपत्ति का व्यवस्थित रिकॉर्ड रखने में मदद मिलेगी। इससे संपत्ति के रखरखाव में पारदर्शिता बढ़ाने, अभिलेखों के बेहतर प्रबंधन और जवाबदेही सुनिश्चित करने में भी सहायता मिलेगी।
पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग के मार्गदर्शन में जिले में बेसिक पुलिसिंग को मजबूत करने के साथ आधुनिक तकनीक के उपयोग पर जोर दिया जा रहा है। थानों को डिजिटल व्यवस्था से जोड़ने की पहल इसी प्रयास का हिस्सा है। ई-मालखानों की शुरुआत से पुलिस के पारंपरिक कामकाज में तकनीक के प्रभावी इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
जिले में पुलिस अधोसंरचना के विस्तार के लिए उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह भी लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनके कार्यकाल में पुलिस अधीक्षक कार्यालय, रक्षित केंद्र, सीएसपी कार्यालय, आईयूसीए कार्यालय, बालक विरुद्ध अपराध अनुसंधान इकाई, पचपेड़ी थाना और केंदा चौकी सहित विभिन्न कार्यालयों एवं पुलिस इकाइयों के लिए भवनों की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा एसडीओपी और सीएसपी के आवासीय भवनों के साथ पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के आवास निर्माण की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इनमें से कई कार्य पूरे हो चुके हैं, जबकि अन्य निर्माण कार्य प्रक्रियाधीन हैं।
पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम ने जिले में पुलिस की आवश्यक आधारभूत संरचना और सुविधाओं को लेकर आगे भी सहयोग उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग, उप पुलिस महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, एसडीओपी कोटा नुपुर उपाध्याय, संबंधित थानों के अधिकारी-कर्मचारी और पत्रकार उपस्थित रहे।