आखिरी दिन निकाली बाइक रैली, तीन दिन तक प्रभावित रहीं स्वास्थ्य सेवाएं; ग्रेड पे बढ़ाने समेत तीन प्रमुख मांगें
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में नर्सिंग स्टाफ की तीन दिवसीय हड़ताल बुधवार को स्थगित कर दी गई। आंदोलन के अंतिम दिन दोपहर 12 बजे नर्सिंग स्टाफ ने बाइक रैली निकाली। रैली सिम्स से शुरू होकर देवकीनंदन चौक और रिवर व्यू होते हुए वापस अस्पताल पहुंची। इसके बाद धरना-प्रदर्शन स्थगित करने का निर्णय लिया गया। हालांकि, कर्मचारियों ने मांगें पूरी नहीं होने पर 18 नवंबर से प्रदेशव्यापी काम बंद आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है।
नर्सिंग स्टाफ की तीन दिन तक चली हड़ताल के कारण सिम्स के कई वार्डों में जांच और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में ग्रेड पे 2800 रुपए से बढ़ाकर 4800 रुपए करना, नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करना और कलेक्टर दर पर कार्यरत नर्सों को संविदा में लेने की मांग शामिल है।
सिम्स में 247 नर्सिंग कर्मचारी कार्यरत
सिम्स में वर्तमान में 117 नियमित और 130 कलेक्टर दर पर कार्यरत नर्सें सेवाएं दे रही हैं। नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि लंबित मांगों पर निर्णय नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। फिलहाल हड़ताल स्थगित कर दी गई है, लेकिन मांगें पूरी नहीं होने पर 18 नवंबर से काम बंद करने की चेतावनी दी गई है।
नाइट ड्यूटी वाली नर्सों के रैली में शामिल नहीं होने पर विवाद
आंदोलन के अंतिम दिन निकाली गई रैली में नाइट ड्यूटी करने वाली कुछ नर्सें शामिल नहीं हो पाईं। इसे लेकर नर्सिंग स्टाफ के बीच विवाद की स्थिति बन गई। हालांकि, वरिष्ठ नर्सों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हो गया।
बुधवार शाम से ड्यूटी पर लौटे कर्मचारी
सिम्स के अस्पताल अधीक्षक डॉ. लखन सिंह ने बताया कि नर्सिंग स्टाफ ने हड़ताल स्थगित कर दी है। बुधवार शाम से कर्मचारी अपनी ड्यूटी पर लौट आए हैं। इससे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं सामान्य होने की उम्मीद है।