2800 से बढ़ाकर 4800 रुपए ग्रेड पे करने की मांग, 2016 के बाद नियमित भर्ती नहीं होने से नाराज नर्सिंग स्टाफ; बुधवार को बाइक रैली निकालेंगी
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) में लंबित मांगों को लेकर नर्सिंग स्टाफ ने आंदोलन शुरू कर दिया है। नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन के बैनर तले करीब 150 नर्सें तीन दिवसीय हड़ताल पर हैं। सोमवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक नर्सों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार को भी प्रदर्शन जारी रहेगा, जबकि बुधवार को बाइक रैली निकालकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज उठाएंगी।
नर्सिंग स्टाफ की प्रमुख मांगों में ग्रेड पे 2800 रुपए से बढ़ाकर 4800 रुपए करना और नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करना शामिल है। आंदोलनरत नर्सों का कहना है कि वे पिछले 8 से 10 वर्षों से अपनी मांगों को लेकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित कर रही हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। उनका आरोप है कि कई बार विरोध प्रदर्शन करने के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ।
2800 से बढ़ाकर 4800 रुपए ग्रेड पे करने की मांग
नर्सिंग स्टाफ के अनुसार, वर्तमान में उन्हें 2800 रुपए ग्रेड पे दिया जा रहा है, जबकि वे इसे बढ़ाकर 4800 रुपए करने की मांग लंबे समय से कर रही हैं। उनका कहना है कि दूसरे राज्यों की तुलना में उन्हें कम वेतन मिल रहा है। इस मांग को लेकर पहले भी कई बार आंदोलन किए जा चुके हैं। नर्सों ने बताया कि पूर्व में विरोध प्रदर्शन के दौरान जेल जाने तक की नौबत आ चुकी है, लेकिन इसके बाद भी मांगों पर निर्णय नहीं हुआ।
2016 के बाद नियमित भर्ती नहीं होने का आरोप
नर्सिंग स्टाफ की दूसरी प्रमुख मांग नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की है। उनका कहना है कि सिम्स में वर्ष 2016 के बाद से नियमित भर्ती नहीं हुई है। इसके बाद नियुक्त कई नर्सिंग कर्मचारियों को ठेका आधार पर काम करना पड़ रहा है। नर्सों के मुताबिक, चार साल का नर्सिंग डिग्री कोर्स पूरा करने के बाद भी उन्हें 10 से 12 हजार रुपए मासिक वेतन पर काम करना पड़ रहा है।
नर्सिंग स्टाफ का कहना है कि नियमित भर्ती नहीं होने और कम वेतन के कारण कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसी वजह से उन्होंने अपनी मांगों को लेकर तीन दिवसीय आंदोलन का निर्णय लिया है। एसोसिएशन के बैनर तले जारी प्रदर्शन के दौरान मंगलवार को भी विरोध जताया जाएगा और बुधवार को बाइक रैली निकालकर मांगों को उठाया जाएगा।