छुट्टी लेकर दोस्तों के साथ घूमने गया था शिक्षा विभाग का बाबू, तैरना जानता था फिर भी करीब 5 फीट गहरे पानी में डूबा

बिलासपुर/कोटा। कोटा के कोरी डेम के वेस्ट वेयर में सोमवार को शराब के नशे में नहाने उतरे शिक्षा विभाग के लिपिक दिग्विजय कुमार कौशिक (34) की डूबने से मौत हो गई। वह मंगला का रहने वाला था और कोटा के ग्राम धौराभाठा में लिपिक के पद पर पदस्थ था। सोमवार को घरेलू काम के लिए छुट्टी लेने के बाद वह काम निपटाकर दोस्तों के साथ कोरी डेम घूमने पहुंचा था।

बताया गया कि दिग्विजय ने शराब पी रखी थी। दोपहर करीब 12:30 बजे वह अपने दोस्तों के साथ कोरी डेम के वेस्ट वेयर पहुंचा। दिग्विजय, नीतेश कुमार सोंचे और एक अन्य दोस्त पानी में नहाने उतरे, जबकि 2 दोस्त बाइक के पास ऊपर बैठे रहे। तीनों तैरते हुए आगे बढ़े। कुछ दूर जाने के बाद नीतेश और उसका साथी आगे निकल गए। पीछे पलटकर देखा तो दिग्विजय पानी में दिखाई नहीं दिया।

दोस्तों ने आसपास मौजूद लोगों की मदद से उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका पता नहीं चला। इसके बाद 112 पर सूचना दी गई। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। करीब 3 घंटे तक तलाश के बाद एसडीआरएफ के जवानों ने पानी की तह से दिग्विजय का शव बरामद किया।

तैरना जानता था, फिर भी नहीं बच सका

चश्मदीद नीतेश कुमार सोंचे ने बताया कि दिग्विजय और वह एक ही स्कूल में पदस्थ हैं। दिग्विजय ने सोमवार को फोन कर उसे बुलाया था। इसके बाद वह अन्य दोस्तों के साथ कोरी डेम पहुंचा था। नहाने के दौरान दिग्विजय पीछे रह गया और कुछ देर बाद पानी में दिखाई नहीं दिया। बताया जा रहा है कि दिग्विजय की लंबाई करीब 5 फीट थी और जिस जगह वह डूबा, वहां पानी की गहराई भी करीब 5 फीट थी। वह तैरना जानता था, इसके बावजूद पानी से बाहर नहीं निकल सका।

कोटा एसडीओपी नुपूर उपाध्याय ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर एसडीआरएफ को बुलाया गया। काफी तलाश के बाद भी दिग्विजय का पता नहीं चला, जिसके बाद एसडीआरएफ के जवानों ने पानी में उतरकर तलाशी ली और उसकी लाश बरामद की। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। घटना के संबंध में उसके दोस्तों से भी पूछताछ की जा रही है।

अरपा में डूबे दूसरे बच्चे का शव 40 घंटे बाद मिला

इधर, दयालबंद के मधुबन इलाके में शनिवार को अरपा नदी में बहे 2 बच्चों में अयान अंसारी का शव उसी दिन देर शाम मिल गया था। दूसरे बच्चे इमरेश अंसारी की एसडीआरएफ और मछुआरों की टीम लगातार तलाश कर रही थी। करीब 40 घंटे बाद सोमवार को उसका शव नदी किनारे पानी में मिला। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया।