
पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अजीत लकड़ा का राजनीतिक अनुभव, अंशु लकड़ा का लगातार जनसंपर्क और स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता—कांग्रेस के टिकट चयन पर टिकी निगाहें
संवाददाता/सौरभ साहू
दिनांक 11/10/2026
लोकेशन,शिवपुर-चरचा कालरी, जिला कोरिया, छत्तीसगढ़।
कोरिया/चरचा कालरी,, शिवपुर-चरचा नगर पालिका परिषद में अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज होती जा रही है। सामान्य महिला वर्ग के लिए पद आरक्षित होने के बाद कांग्रेस में महिला दावेदारों के नामों पर चर्चा शुरू हो गई है। इसी बीच पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष अजीत लकड़ा की धर्मपत्नी अंशु अजीत लकड़ा का नाम संभावित अध्यक्ष प्रत्याशी के रूप में प्रमुखता से सामने आ रहा है। लगातार जनसंपर्क, आम नागरिकों से सीधा संवाद और नगर की समस्याओं को समझने की उनकी पहल ने उनकी दावेदारी को चर्चा का अहम विषय बना दिया है।
जनता के बीच सक्रियता—दावेदारी का प्रमुख आधार
अंशु अजीत लकड़ा क्षेत्र में लोगों से लगातार मुलाकात कर रही हैं। महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और आम नागरिकों से संवाद के दौरान वे उनकी जरूरतों और स्थानीय समस्याओं को जानने का प्रयास कर रही हैं। नगर की साफ-सफाई, सड़क, नाली, पेयजल और मूलभूत सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर लोगों की राय जानना उनके जनसंपर्क अभियान का प्रमुख हिस्सा है। राजनीतिक जानकारों के नजरिए से देखें तो स्थानीय निकाय चुनाव में जनता से सीधा जुड़ाव, क्षेत्र की समस्याओं की समझ और संगठन के साथ समन्वय किसी भी दावेदार के लिए महत्वपूर्ण पहलू होते हैं। अंशु लकड़ा की लगातार सक्रियता इन्हीं मुद्दों को केंद्र में ला रही है। उनके समर्थक इसे उनकी दावेदारी की मजबूती के रूप में पेश कर रहे हैं।
अजीत लकड़ा का अनुभव, स्थानीय राजनीति की समझ का आधार
अंशु अजीत लकड़ा की दावेदारी के साथ उनके पति एवं पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष व शिवपुर चरचा कालरी ब्लाक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजीत लकड़ा का राजनीतिक अनुभव भी चर्चा में है। स्थानीय निकाय की राजनीति और नगर से जुड़े मुद्दों का उनका अनुभव समर्थकों के अनुसार एक महत्वपूर्ण पक्ष है। हालांकि, प्रत्याशी चयन में अंशु लकड़ा की अपनी भूमिका, जनसंपर्क, कांग्रेस संगठन के साथ उनका तालमेल और स्थानीय जनता के मुद्दों पर उनकी सक्रियता भी महत्वपूर्ण मानी जाएगी।
विकास और रोजगार के सवालों पर टिकी जनता की उम्मीदें
शिवपुर-चरचा के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना, बुनियादी सुविधाओं में सुधार, बेहतर सड़कें, साफ-सफाई, नाली व्यवस्था और पेयजल जैसी जरूरतें अहम हैं। स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों का विस्तार हो, ताकि लोगों को रोजी-रोटी की तलाश में दूसरे शहरों की ओर पलायन करने की मजबूरी कम हो—यह भी नगर के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण सवाल है।
जिस तरह लगातार अंशु अजीत लकड़ा के द्वारा वरिष्ठ जनों, युवाओं, महिलाओं के बीच जाकर जनसंपर्क करना इन स्थानीय मुद्दों को समझने और लोगों की अपेक्षाओं से जुड़ने का अवसर बन रहा है। समर्थकों का दावा है कि जनता के बीच लगातार मौजूदगी उनकी दावेदारी को और मजबूती दे सकती है। हालांकि, जनसमर्थन के दावों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना उन्हें अंतिम निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
क्या कांग्रेस अंशु अजीत लकड़ा पर जताएगी भरोसा ?
अब सबकी निगाहें कांग्रेस संगठन के निर्णय पर टिकी हैं। पार्टी के सामने ऐसा प्रत्याशी चुनने की चुनौती होगी, जो स्थानीय मुद्दों की समझ, जनता से संवाद, संगठनात्मक समन्वय और नगर के विकास की स्पष्ट प्राथमिकताओं के साथ चुनावी मैदान में उतर सके।
अंशु अजीत लकड़ा की लगातार सक्रियता ने उन्हें अध्यक्ष पद के संभावित दावेदारों की चर्चा में जरूर बनाए रखा है। लेकिन उनकी दावेदारी को आधिकारिक उम्मीदवारी में बदलने का फैसला कांग्रेस संगठन ही करेगा। शिवपुर-चरचा की सियासत में अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या जनता के बीच लगातार सक्रिय अंशु अजीत लकड़ा को कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए अपना चेहरा बनाएगी? आने वाले दिनों में संगठन की गतिविधियां और प्रत्याशी चयन इस सवाल का जवाब स्पष्ट करेंगे।।