
प्रदेश के सांस्कृतिक मंत्री राजेश अग्रवाल ने भी दो टूक कहा है कि नाम बदलकर गरबा में शामिल होने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। तब मोर्चा विधर्मी महिलाओं ने संभाल लिया है। विधर्मी लगातार हिंदू धार्मिक आयोजन और संस्कृति पर प्रहार कर रहे हैं। बिलासपुर में भी शिफा मैथ्यू नाम की ईसाई महिला द्वारा गरबा के प्रमोशन के नाम पर इस तरह का वीडियो सोशल मीडिया पर डाला गया है जिसे लेकर हंगमा हो गया है। बताया जा रहा है कि खुद को मेकअप आर्टिस्ट बताने वाली शिफा मैथ्यू ने किसी हिंदू युवक के साथ विवाह किया है और उसे भी वह कन्वर्ट कर चुकी है। इससे पहले भी उसका नाम धर्मांतरण के मामले में आ चुका है। अब आगामी गरबा आयोजन के प्रमोशन के नाम पर उसने अपने साथ कुछ और लड़कियों और युवकों का एक वीडियो जारी किया है, जिसमें बाकायदा सिगरेट के कश लिए जा रहे हैं। गन संस्कृति को प्रमोट करते हुए लड़कियां बंदूक दिखा रही है और
कह रही है कि बिना गुंडियो के गरबा में मजा नहीं, इसलिए लड़के अपने-अपने गुंडी यानी बदमाश लड़की दोस्तों को लेकर आयोजन में पहुंचे । 
जाहिर सी बात है कि गरबा मां अंबे की आराधना उपासना का पर्व है जो गुजरात से चलकर पूरे भारत में फैला , लेकिन अब इसमें अपसंस्कृति घोलने की ऐसी सोची समझी साजिश हो रही है। आखिर गरबा में शामिल होने के लिए बदमाश लड़कियों की क्यों जरूरत पड़ रही है और इसे प्रमोट करने के लिए कब सिगरेट पीती हुई लड़कियों और बंदूक दिखती हूं लड़कियों की जरूरत पड़ गई ?
बड़ा सवाल यही है कि क्या ऐसा कोई वीडियो कभी अन्य धर्म के आयोजनों को प्रमोट करने के लिए किया जाता है ? क्या इन लड़कियों ने कभी क्रिसमस या ईद को प्रमोट करने के लिए ऐसा वीडियो बनाया ?

यकीनन जवाव ना ही होगा , क्योंकि बार-बार सोच समझ कर सनातन को ही टारगेट किया जाता है। सोशल मीडिया पर धूम्रपान करते हुए युवतियों और आपत्तिजनक संदेश के साथ बाइक पर हथियार लहराते हुए लड़कियों के पोस्ट के बाद हिंदू संगठनों ने इसे लेकर अपनी शिकायत दर्ज कराई और एसएसपी से मुलाकात की। जिन्होंने तत्काल उचित वैधानिक कार्यवाही के निर्देश दिए है। बताया जा रहा है कि इसके बाद पुलिस ने शिफा मैथ्यू नाम की महिला को कथित तौर पर गिरफ्तार कर लिया है तो वहीं वीडियो में दिख रहे उनके अन्य साथियों कृति रितिका गुप्ता विधा खांडे कुमार आकाश गढ़ेवाल प्रिंशु अनंत पीपलवा आदि की तलाश कर रही है।
ओम नगर निवासी शिफा मैथ्यू मंदिर चौक जरहाभाठा के पास ब्यूटी पार्लर चलाती है। यह भी बताया जा रहा है कि उसने कुछ दिनों पहले रतनपुर के प्रतिबंधित हाथी किला में भी अवैध तरीके से वीडियो शूट किया था जिसकी भी शिकायत हुई थी।
वैसे अक्सर देखा गया है कि कानून के पालन में भेदभाव किया जाता है । संविधान लिंग, जाति, धर्म के आधार पर भेदभाव करने की अनुमति नहीं देता लेकिन ऐसे हर मामलों में लड़कों पर तो कार्रवाई होती है लेकिन लड़कियों को सिर्फ चेतावनी देकर छोड़ दिया जाता है। यही वजह है कि पिछले कुछ समय से लगातार लड़कियां उद्दंडता की हर सीमा रेखा पार कर रही है क्योंकि उन्हें पता है कि उन पर कोई कार्यवाही नहीं होती। इसलिए जरूरी है कि इस बार इन लड़कियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो ताकि भविष्य में अन्य लड़कियां उससे सबक ले सके।
जाहिर है ,रास गरबा एक धार्मिक आयोजन है जिसमें देवी की उपासना की जाती है अगर इसमें शामिल होना की उद्देश्य होता तो इस सनातनी परंपरा को आत्मसात करने की बात होती लेकिन यहां बेवजह सिगरेट पीकर और हथियार लहरा कर गरबा का अजीबोगरीब प्रमोशन किया जा रहा है। जाहिर है इसका उद्देश्य कुछ और ही है इसलिए हिन्दू संगठनों ने ऐसे साजिश कर्ताओ पर सख्त कार्रवाई की मांग की है ।
कुल मिलाकर यही समझ आ रहा है कि ना तो इनमे प्रदेश सरकार का कोई डर है, ना ही पुलिस प्रशासन का क्योंकि इन्हें उद्दंड बनाने का काम कई देशी विदेशी फंडिंग प्राप्त संस्थाएं इन्हें टूल किट बनाकर करते हैं, जो बार-बार गरबा में विधर्मियों के प्रवेश की वकालत भी करते हैं । इस वीडियो को देखकर ही समझ में आ सकता है कि ऐसे लोगों के गरबा में प्रवेश पर रोक की मांग आखिर क्यों की जाती है , क्योंकि इनकी भारतीय संस्कृति और गरबा के प्रति कोई श्रद्धा नहीं है। ये तो इस बहाने बस सनातन को बदनाम करना चाहते हैं और अपसंस्कृति फैलाना चाहते हैं । आम लोगों को लगेगा कि यह सब कुछ हिंदू लड़कियां कर रही है लेकिन इसके पीछे मास्टरमाइंड शिफा मैथ्यू जैसे टूल किट है जिनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी ही चाहिए।