
उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग, घटना से शिक्षक समुदाय में शोक और सुरक्षा को लेकर चिंता,,,
शिक्षिका और पुत्र की हत्या को लेकर शिक्षक संघ ने एसपी को सौंपा ज्ञापन,,,
लोकेशन: सूरजपुर, छत्तीसगढ़।।
राजधानी रिपोर्टर/ सौरभ साहू कि रिपोर्ट,,,,
दिनांक: 12 अक्टूबर 2026
सूरजपुर- जिले में शिक्षिका रजनी बरेठ और उनके पुत्र सुजल बरेठ की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है। इस हृदयविदारक घटना को लेकर शिक्षक समुदाय में शोक और चिंता का माहौल है। मामले की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उच्च स्तरीय जांच की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ एवं छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ ने पुलिस अधीक्षक, सूरजपुर को ज्ञापन सौंपा है। संघ ने पुलिस प्रशासन से घटना की तह तक पहुंचने, वास्तविक तथ्यों को सामने लाने और जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
समाचारों में सामने आई आशंकाओं के बीच निष्पक्ष जांच की मांग
शिक्षक संघ की ओर से कहा गया कि समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के बाद इस घटना को लेकर विभिन्न आशंकाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में आवश्यक है कि पुलिस प्रत्येक पहलू को गंभीरता से लेते हुए जांच करे, ताकि किसी भी प्रकार की शंका की गुंजाइश न रहे और घटना से जुड़े वास्तविक तथ्यों का खुलासा हो सके।
संघ ने जोर देते हुए कहा कि इस संवेदनशील मामले में जांच की निष्पक्षता और पारदर्शिता बेहद जरूरी है। पुलिस प्रशासन को सभी तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे बढ़ते हुए सच्चाई सामने लानी चाहिए, जिससे पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
शिक्षक समुदाय में शोक, सुरक्षा को लेकर भी चिंता
शिक्षिका रजनी बरेठ और उनके पुत्र सुजल बरेठ की मौत से शिक्षक समुदाय में गहरा दुख व्याप्त है। संघ ने कहा कि इस घटना ने शिक्षकों को झकझोर कर रख दिया है और सुरक्षा को लेकर भी चिंता उत्पन्न की है।
शिक्षक संघ ने ज्ञापन के माध्यम से पुलिस प्रशासन से मांग की कि प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए आवश्यक उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके और लोगों का कानून-व्यवस्था पर विश्वास मजबूत हो।
न्याय और सच्चाई सामने लाने की मांग
शिक्षक संघ का कहना है कि इस मामले में किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच होना आवश्यक है। घटना की सच्चाई सामने आना और दोषियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाना ही न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम होगा।। शिक्षक संघ ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि मामले की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित की जाए, ताकि वास्तविकता सामने आए और पीड़ितों को न्याय मिल सके।