रतनपुर महामाया मंदिर में 30 हजार मनोकामना ज्योति प्रज्ज्वलित, पहले दिन पिछले साल से 20% अधिक पहुंचे श्रद्धालु; पूजा की मुद्रा में विराजीं मां महामाया रोज 18 घंटे देंगी दर्शन

बिलासपुर। शक्ति और साहस की आराधना का पर्व शारदीय नवरात्रि रविवार से शुरू हो गया। पहले दिन शहर से लेकर रतनपुर तक देवी मंदिरों में सुबह से शाम तक पूजा-अर्चना का सिलसिला चलता रहा। अभिजीत मुहूर्त में घटस्थापना और मनोकामना ज्योति प्रज्ज्वलित की गई। वहीं, शहर के दुर्गा पूजा पंडालों में आतिशबाजी, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के बीच मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी और देवी दर्शन के लिए कतारें लगी रहीं।

नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की पूजा-अर्चना की गई। हरदेव लाल मंदिर, सतबहिनी मंदिर बंधवापारा, काली मंदिर तिफरा, मरीमाई मंदिर मगरपारा, दुर्गा मंदिर जरहाभाठा और आई तुलजा भवानी मंदिर कुदुदंड सहित शहर के प्रमुख मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालु पहुंचने लगे थे। पंचामृत अभिषेक, षोडशोपचार पूजन और मंगल आरती के बाद देवी का फूलों, आभूषणों और चुनरी से श्रृंगार कर भोग लगाया गया। दूसरी ओर, दुर्गा पूजा पंडालों में प्रतिमाओं की स्थापना के बाद विधि-विधान से पट खोलकर श्रद्धालुओं को दर्शन कराए गए।

महामाया मंदिर में 30 हजार मनोकामना ज्योति प्रज्ज्वलित

रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर में नवरात्रि के पहले दिन विशेष अनुष्ठान हुए। सुबह 4 बजे पूजा-अर्चना के बाद मां की सूती साड़ी का शुद्धिकरण कर उन्हें धारण कराया गया। स्वर्ण मुकुट और नथिया से माता का श्रृंगार किया गया। मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष पं. अरुण शर्मा के अनुसार, परंपरा के तहत नवरात्रि में मां के वस्त्र 8 दिनों तक नहीं बदले जाएंगे। मां को पूजा की मुद्रा में विराजमान माना जाता है।

मंदिर में 30 हजार मनोकामना ज्योति प्रज्ज्वलित की गईं। ट्रस्ट के उपाध्यक्ष सतीश शर्मा के अनुसार, पहले दिन पिछले साल की तुलना में करीब 20% अधिक श्रद्धालु पहुंचे। सुबह 5 बजे से ही दर्शन के लिए कतार लगने लगी थी। मां षष्ठी तक प्रतिदिन 18 घंटे दर्शन देंगी, जबकि सप्तमी पर मंदिर पूरी रात खुला रहेगा।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दिव्यांग और विशेष जरूरत वाले लोगों के लिए अलग दर्शन द्वार बनाया गया है। मनोकामना ज्योति कक्ष में करीब 300 लोग, निशुल्क भंडारे में 200 लोग और पूजा-पाठ व अनुष्ठान में लगभग 100 पंडित सेवा दे रहे हैं। नवमी पर मां को नए वस्त्र पहनाकर करीब 4 किलो सोने के आभूषणों से राजश्री श्रृंगार किया जाएगा।

गुजराती समाज ने शोभायात्रा निकालकर किया माता का स्वागत

शारदीय नवरात्रि पर श्री गुजराती युवा मंडल की ओर से माताजी की शोभायात्रा निकाली गई। जगमल चौक से शुरू होकर शोभायात्रा गुजराती समाज भवन पहुंची। इस दौरान आतिशबाजी, पुष्पवर्षा, रंगोली और दीप प्रज्ज्वलन के साथ माता का स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं को प्रसाद भी वितरित किया गया। मूर्ति के यजमान अक्षय चंदू ठक्कर रहे। जयंती भानुशाली, विनीत कक्कड़ और चंद्रकांत मारू सहित समाज के परिवारों ने आयोजन में सहभागिता निभाई।

दिव्यांग बच्चों ने किए महामाया और गिरजाबंध हनुमान के दर्शन

नवरात्रि के अवसर पर शांता फाउंडेशन ने सुवाणी स्पेशल स्कूल के मूक-बधिर बच्चों को मां महामाया मंदिर, गिरजाबंध हनुमान मंदिर और भैरव बाबा मंदिर के दर्शन कराए। बच्चों ने मंदिरों में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया। दर्शन के बाद उनके लिए भोजन की व्यवस्था भी की गई। यह सेवा कार्य पवन भोंसले के सौजन्य से संपन्न हुआ।

काली मंदिर में महाविद्या तंत्र हवन

तिफरा स्थित काली मंदिर में नवरात्रि के पहले दिन दुर्गा सप्तशती हवन, काली सहस्रनाम और महाविद्या तंत्र हवन किया गया। मंदिर में 5 हजार मनोकामना ज्योति प्रज्ज्वलित की गईं। दिलीप साहू ने बताया कि नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन सुबह और शाम हवन होगा। पहले दिन पूरे समय मंदिर में दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।

गायत्री मंदिर में यज्ञ, भजन-कीर्तन और आरती

चांटीडीह स्थित गायत्री प्रज्ञा पीठ में नवरात्रि के पहले दिन मां का विशेष श्रृंगार किया गया। पूजा-अर्चना, यज्ञ, दीप प्रज्ज्वलन, भजन-कीर्तन और आरती के साथ धार्मिक आयोजन हुए। इसमें ट्रस्टी अशोक साहू, कीर्ति देवी सहित अन्य श्रद्धालु शामिल हुए।

पीतांबरा पीठ में 124 घृत ज्योति कलश प्रज्ज्वलित

पीतांबरा पीठ में ध्वजारोहण, ज्वारारोपण और श्री मनोकामना अखंड घृत ज्योति कलश प्रज्ज्वलन के साथ नवरात्रि का शुभारंभ हुआ। आचार्य दिनेश महाराज ने बताया कि मंदिर में 124 मनोकामना घृत ज्योति कलश प्रज्ज्वलित किए गए। पहले दिन मां बगलामुखी का मां शैलपुत्री के स्वरूप में पूजन किया गया। इसके साथ ही श्री शारदेश्वर पारदेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक और मां महाकाली, महालक्ष्मी तथा महासरस्वती की पूजा-अर्चना की गई।