कोटा। कोटा क्षेत्र के अमाली गांव के पास कोलवाशरी के भारी वाहनों की आवाजाही से जर्जर हुई सड़क की मरम्मत की मांग को लेकर ग्रामीणों ने बुधवार दोपहर चक्काजाम कर दिया। ग्रामीणों ने कोलवाशरी से आने-जाने वाले भारी वाहनों को रोकने के लिए मुख्य मार्ग पर गड्ढा खोद दिया। इससे कोयला लदे वाहनों के पहिए थम गए और सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। बाद में लोक निर्माण विभाग की ओर से सड़क मरम्मत का कार्य शुरू कराने के आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने आंदोलन समाप्त किया।
ग्रामीणों के अनुसार अमाली गांव से करीब दो से तीन किलोमीटर दूर पहले से एक कोलवाशरी संचालित है। यहां से रोजाना बड़ी संख्या में कोयले से लदे भारी वाहन इसी ग्रामीण सड़क से गुजरते हैं। भारी वाहनों के लगातार आवागमन से सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह बड़े गड्ढे हो जाने के कारण ग्रामीणों को पैदल चलने में भी परेशानी हो रही है।
प्रबंधन से मरम्मत की मांग, नहीं बनी बात
ग्रामीणों ने सड़क की खराब हालत को देखते हुए कोलवाशरी प्रबंधन से मरम्मत कराने की मांग की थी। सरपंच हितेंद्र सिंह ने बताया कि प्रबंधन से सड़क मरम्मत का आग्रह किया गया, लेकिन मैनेजर ने इससे इनकार कर दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि रोजाना सैकड़ों भारी वाहन गुजरने के बावजूद पंचायत को कोई राजस्व नहीं मिलता और सीएसआर मद से भी गांव के विकास में अपेक्षित सहयोग नहीं किया जा रहा है।
इसी बीच अमाली गांव में मेसर्स विराज अर्थ फ्यूजन प्राइवेट लिमिटेड की प्रस्तावित कोलवाशरी का भी ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि मौजूदा सड़क ही भारी वाहनों का दबाव नहीं झेल पा रही है। ऐसे में नई कोलवाशरी शुरू होने पर समस्या और बढ़ सकती है।
मुख्य मार्ग पर गड्ढा खोदकर रोके वाहन
कोलवाशरी प्रबंधन के रुख से नाराज ग्रामीणों ने बुधवार दोपहर करीब 1 बजे भारी वाहनों को रोकने के लिए मुख्य मार्ग की शुरुआत में बड़ा गड्ढा खोद दिया। इसके बाद कोयला लदे वाहनों की आवाजाही रुक गई और सड़क पर वाहनों की कतार लग गई। चक्काजाम की सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से चर्चा की।
मरम्मत शुरू कराने के आश्वासन पर खत्म हुआ आंदोलन
कोटा तहसीलदार जयंती देवांगन ने बताया कि अमाली गांव की सड़क की खराब हालत की सूचना मिलने पर प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची थी। ग्रामीणों से चर्चा की गई और सड़क मरम्मत का कार्य शुरू कराने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने चक्काजाम समाप्त कर दिया।