बिल्हा थाना क्षेत्र के ग्राम भटगांव में बुधवार रात तेज रफ्तार माजदा वाहन ने सड़क किनारे खड़े होकर बातचीत कर रहे 3 सगे भाइयों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में 2 भाइयों की मौत हो गई, जबकि तीसरा गंभीर रूप से घायल है। टक्कर के बाद माजदा बिजली के खंभे से जा टकराई। हादसे के बाद चालक वाहन मौके पर छोड़कर फरार हो गया।

जानकारी के अनुसार ग्राम भटगांव निवासी बरातु दास मानिकपुरी अपने भाई प्रीतम दास और चंदू दास के साथ रिश्तेदार प्रदीप मानिकपुरी के घर गए थे। प्रदीप की बेटी गर्भवती है, जिसका हालचाल जानने के बाद तीनों भाई रात करीब 8:30 बजे घर के सामने सड़क किनारे अपनी बाइक खड़ी कर बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान सेवार की ओर से तेज रफ्तार में आ रही माजदा क्रमांक CG 10 C 1868 के चालक ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए तीनों को जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी तेज थी कि तीनों भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। उनकी बाइक माजदा के अगले पहिए में फंसकर कुछ दूर तक घिसटती चली गई। इसके बाद माजदा सड़क किनारे लगे बिजली के खंभे से टकराकर रुक गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। इसी बीच चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलने पर डायल-112 की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को बिल्हा अस्पताल पहुंचाया।

अस्पताल में डॉक्टरों ने बरातु दास और प्रीतम दास को जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। दोनों के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई थीं। वहीं चंदू दास के कंधे और चेहरे पर गहरे जख्म हैं और उसका उपचार जारी है।

मृतक के बेटे रूपेन्द्र दास की रिपोर्ट पर बिल्हा पुलिस ने माजदा वाहन जब्त कर लिया है। पुलिस ने फरार चालक के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में वाहन कोटा थाना क्षेत्र के शिवतराई निवासी व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत होना सामने आया है। पुलिस ने वाहन मालिक को पूछताछ के लिए थाने बुलाया है।

3 साल में सड़क किनारे खड़े और पैदल चल रहे 143 से ज्यादा लोगों की मौत

जिले में सड़क हादसों में होने वाली मौतों में सड़क किनारे खड़े रहने या पैदल चलने वाले लोगों की संख्या भी बड़ी है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल सड़क दुर्घटना मौतों में करीब 14% से 16% मृतक पैदल चलने वाले या सड़क किनारे खड़े लोग होते हैं। बीते 3 साल में सड़क किनारे खड़े रहने, बस या ऑटो का इंतजार करने और पैदल चलते समय तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आने से करीब 143 से 160 लोगों की मौत हुई है। इस साल अब तक जिले में 820 से ज्यादा सड़क हादसे हो चुके हैं, जिनमें 180 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है। इनमें 30 से ज्यादा लोग सड़क किनारे खड़े या पैदल चलने वाले थे। जिले में औसतन हर महीने 20 से 25 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हो रही है।