
भाजपा-कांग्रेस पार्षदों में तीखी बहस, स्मार्ट सिटी की गड़बड़ियों पर मेयर ने पिछली कांग्रेस सरकार को ठहराया जिम्मेदार
बिलासपुर। नगर निगम की सामान्य सभा शुक्रवार को हर बार की तरह हंगामाखेज रही। बैठक में पार्षदों के बीच कई मुद्दों पर तीखी बहस और नोकझोंक हुई। पार्षद रीता कश्यप के उस बयान पर भी जमकर हंगामा हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि जनता के वोट से चुनाव जीतकर आए पार्षदों को बिना चुनाव जीते सामान्य सभा में पहुंचे एल्डरमैन बोलने नहीं दे रहे हैं। उनके बयान के बाद आपत्ति जताते हुए उनसे माफी मांगने की मांग की गई, जिसके चलते सदन में कुछ देर माहौल गरमा गया। भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच भी कई मुद्दों पर बहस हुई।
सामान्य सभा में शहर में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता, खर्च और उनकी मौजूदा स्थिति को लेकर पार्षदों ने सवाल उठाए। रिवर फ्रंट, एसटीपी, सड़क, पार्किंग और कॉम्प्लेक्स सहित कई विकास कार्यों के अधूरे होने का मुद्दा सदन में उठा। पार्षदों ने सवाल किया कि करोड़ों रुपये खर्च किए जाने के बावजूद कई योजनाएं अब तक पूरी क्यों नहीं हो सकी हैं और उनकी गति इतनी धीमी क्यों है।
43 काम स्वीकृत, पूरे सिर्फ 2
वित्तीय वर्ष 2025-26 में नगर निगम क्षेत्र में 16 करोड़ रुपये से अधिक की लागत के 43 विकास कार्य स्वीकृत किए गए थे। सामान्य सभा में सामने आया कि इनमें अब तक सिर्फ 2 कार्य ही पूरे हो पाए हैं। शेष कार्य टेंडर, वर्क आर्डर या निर्माण की प्रक्रिया में बताए गए। इसे लेकर पार्षदों ने निगम की कार्यप्रणाली और विकास कार्यों की गति पर सवाल उठाए।
68 करोड़ की नगर उत्थान योजना भी सवालों में
नगर उत्थान योजना के तहत करीब 68 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की प्रगति को लेकर भी सदन में चर्चा हुई। पार्षदों ने बताया कि कई स्थानों पर काम बेहद धीमी गति से चल रहे हैं। कुछ प्रोजेक्ट शुरू हुए करीब 6 महीने बीत चुके हैं, लेकिन उनकी प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है। इसे लेकर सदन में काफी नोकझोंक हुई और जिम्मेदार अधिकारियों से काम की स्थिति को लेकर जवाब मांगा गया।
सड़क-नाली निर्माण में बंदरबांट का आरोप
भाजपा पार्षद कार्तिक यादव ने अपने वार्ड में सड़क और नाली निर्माण का मुद्दा उठाते हुए काम की गुणवत्ता और प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके वार्ड में हुए निर्माण कार्य में कांग्रेस से जुड़े लोगों ने बंदरबांट की है। इस आरोप को लेकर भी सदन में भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच बहस हुई।
स्मार्ट सिटी की गड़बड़ियों पर पिछली सरकार को घेरा
स्मार्ट सिटी के कार्यों को लेकर भी पार्षदों ने सवाल उठाए। विकास कार्यों की गुणवत्ता और मौजूदा स्थिति पर चर्चा के दौरान महापौर पूजा विधानी ने स्मार्ट सिटी के कामों में हुई गड़बड़ियों के लिए पिछली कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराया। इस मुद्दे पर भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चला।
सामान्य सभा में सड़क, नाली, पार्किंग, रिवर फ्रंट, एसटीपी, कॉम्प्लेक्स और अन्य अधूरे विकास कार्यों को लेकर पार्षदों ने निगम प्रशासन से जवाब मांगा। बैठक में कई मुद्दों पर लगातार बहस होती रही और विकास कार्यों की धीमी रफ्तार तथा करोड़ों रुपये के कामों के अब तक अधूरे रहने को लेकर सदन का माहौल गरमाया रहा।