बिलासपुर, 25 अगस्त 2026। बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन बैंकिंग फ्रॉड की रोकथाम के लिए बिलासपुर पुलिस ने “साइबर जागृति अभियान” के तहत शहर के विभिन्न बैंकों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ चर्चा-परिचर्चा और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। रक्षित केंद्र बिलासपुर स्थित चेतना हाल में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस और बैंकिंग संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा आम लोगों को सुरक्षित डिजिटल व्यवहार के प्रति जागरूक करने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम उमनि/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के निर्देशन में आयोजित किया गया। चर्चा के दौरान फर्जी बैंक कॉल, KYC अपडेट के नाम पर ठगी, फिशिंग लिंक, फर्जी वेबसाइट और मोबाइल एप्लीकेशन, APK फाइल, QR कोड फ्रॉड, सोशल मीडिया के जरिए ठगी, डिजिटल अरेस्ट तथा OTP, PIN, CVV और पासवर्ड से जुड़े साइबर अपराधों पर विस्तार से जानकारी साझा की गई।
संदिग्ध खातों पर नजर रखने के निर्देश
बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने बताया कि मल्टीपल ट्रांजेक्शन और संदिग्ध गतिविधियों वाले खातों की निगरानी की जाती है तथा फर्जी KYC वाले खातों की जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस को सूचित किया जाता है। नए खाताधारकों को वेलकम कॉल के माध्यम से साइबर अपराधों से बचाव की जानकारी देने के साथ ही सेवानिवृत्त एवं वरिष्ठ नागरिकों को भी समय-समय पर बैंक बुलाकर साइबर सुरक्षा के संबंध में जागरूक किया जाता है।
एसएसपी रजनेश सिंह ने बैंक अधिकारियों से कहा कि खाताधारकों के खातों पर पैनी नजर रखी जाए। किसी व्यक्ति अथवा फर्म का बैंक खाता खोलने से पहले दस्तावेजों की जांच के साथ-साथ आवश्यकतानुसार भौतिक सत्यापन भी किया जाए। उन्होंने कहा कि साइबर अपराधी कई बार ऐसे बैंक खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम के लेनदेन के लिए करते हैं। इसलिए संदिग्ध लेनदेन सामने आने पर पुलिस को तत्काल सूचना देना जरूरी है।
नुक्कड़ नाटक से भी होगा साइबर जागरूकता का प्रसार
बिलासपुर पुलिस ने साइबर अपराधों से बचाव का संदेश आम लोगों तक पहुंचाने के लिए नुक्कड़-नाटक कार्यक्रम की भी शुरुआत की है। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, बाजार परिसरों और मॉल सहित अन्य सार्वजनिक स्थानों पर कलाकारों के माध्यम से साइबर ठगी के तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम में नागरिकों को सलाह दी गई कि वे किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV, पासवर्ड या बैंक खाते से संबंधित गोपनीय जानकारी साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने और किसी अज्ञात व्यक्ति के कहने पर APK अथवा संदिग्ध मोबाइल एप्लीकेशन इंस्टॉल करने से भी बचें।
ठगी होने पर 1930 पर तत्काल करें शिकायत
पुलिस ने साइबर ठगी का शिकार होने वाले लोगों से बिना देरी किए साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की। पुलिस के अनुसार समय पर शिकायत मिलने से ठगी की रकम को होल्ड कराने और पीड़ित को राहत दिलाने की कार्रवाई में मदद मिल सकती है।
कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया के माध्यम से बिलासपुर पुलिस द्वारा आयोजित साइबर जागृति प्रश्नोत्तरी में भी लोगों ने भाग लिया और प्रश्नों के उत्तर देकर अपने ई-मेल पर प्रमाण पत्र प्राप्त किए।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधों की रोकथाम केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। पुलिस, बैंकिंग संस्थानों और आम नागरिकों के सामूहिक प्रयास एवं बेहतर समन्वय से ही सुरक्षित डिजिटल समाज का निर्माण संभव है।
कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मधुलिका सिंह, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (शहर) पंकज कुमार पटेल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे सहित बिलासपुर शहर के विभिन्न बैंकों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बिलासपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की— “जागरूक बनें, सतर्क रहें—साइबर अपराध से सुरक्षित रहें।”