36,577 जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए 18.32 लाख लोगों तक पहुंचा साइबर सुरक्षा का संदेश

मुंगेली। प्रदेशव्यापी साइबर जागृति अभियान में मुंगेली जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए छत्तीसगढ़ के 34 जिलों में 5वां स्थान हासिल किया है। 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चले 7 सप्ताह के अभियान में मुंगेली पुलिस ने 36,577 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर 18,32,013 नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाया।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में पुलिस ने साइबर जागरूकता को केवल शहरी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखा। स्कूल-कॉलेज, ग्राम पंचायत, बैंक, हाट-बाजार, शासकीय संस्थानों और सामाजिक संगठनों तक पुलिस टीमें पहुंचीं। बीट स्तर के पुलिसकर्मियों ने गांव-गांव और घर-घर जाकर लोगों को साइबर ठगी से बचने के उपाय बताए।

अभियान के 7 सप्ताह में अलग-अलग साइबर खतरों को केंद्र में रखकर जागरूकता कार्यक्रम चलाए गए। पहले सप्ताह में विद्यार्थियों और नागरिकों को अनजान लिंक, संदिग्ध एप, कमजोर पासवर्ड, OTP और सोशल मीडिया सुरक्षा की जानकारी दी गई। दूसरे सप्ताह में UPI फ्रॉड, फर्जी बैंक अधिकारी, QR कोड और OTP के जरिए होने वाली वित्तीय ठगी से बचाव पर जोर दिया गया।

तीसरे सप्ताह में डिजिटल अरेस्ट और फर्जी पुलिस, CBI या ED अधिकारी बनकर की जाने वाली ठगी के प्रति लोगों को जागरूक किया गया। चौथे सप्ताह में मोबाइल और सोशल मीडिया सुरक्षा, फर्जी प्रोफाइल, साइबर बुलिंग और निजी डेटा के दुरुपयोग से बचाव की जानकारी दी गई। पांचवें सप्ताह में युवाओं को फर्जी वर्क फ्रॉम होम, नौकरी के नाम पर ठगी और फिशिंग लिंक से सावधान किया गया।

छठे सप्ताह में व्यक्तिगत फोटो, संवेदनशील दस्तावेज और लोकेशन सहित निजी डेटा की सुरक्षा पर जागरूकता कार्यक्रम हुए। अंतिम सप्ताह में गांधी जयंती के अवसर पर ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों में ‘साइबर मुक्त छत्तीसगढ़’ का संकल्प दिलाया गया। इस दौरान अकेले अंतिम सप्ताह में 16,830 कार्यक्रमों के जरिए 8,41,908 लोगों तक संदेश पहुंचाया गया।

पुलिस ने लोगों को साइबर ठगी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर सूचना देने अथवा cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की। पुलिस के मुताबिक ठगी के तुरंत बाद सूचना मिलने पर रकम को संबंधित बैंक खातों में होल्ड या फ्रीज कराने की संभावना बढ़ जाती है।

एसएसपी भोजराम पटेल ने जिले को प्रदेश में 5वां स्थान मिलने पर पुलिस टीम और जिलेवासियों की सहभागिता की सराहना की। उन्होंने कहा कि डिजिटल दौर में थोड़ी सी सावधानी बड़ी आर्थिक और मानसिक क्षति से बचा सकती है। नागरिक किसी संदिग्ध कॉल, लिंक या प्रलोभन पर बिना पुष्टि के भरोसा न करें और साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 पर संपर्क करें।