
पुणे। महाराष्ट्र के पुणे जिले में सामने आया केतन अग्रवाल हत्याकांड देशभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। शुरुआती जांच में इसे दुर्घटना माना गया था, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच ने एक ऐसे सुनियोजित षड्यंत्र का खुलासा किया जिसने सभी को स्तब्ध कर दिया। पुलिस के अनुसार 26 वर्षीय रियल एस्टेट कारोबारी केतन विशाल अग्रवाल की हत्या उसकी मंगेतर सिया गोयल और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर की। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
नवंबर में होनी थी शाही शादी

केतन अग्रवाल पुणे के प्रतिष्ठित रियल एस्टेट कारोबारी विशाल अग्रवाल के बेटे थे और परिवार के व्यवसाय में डायरेक्टर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। सिया गोयल के साथ उनकी सगाई हो चुकी थी और नवंबर 2026 में शादी तय थी। परिवारों ने राजस्थान में करोड़ों रुपये खर्च कर भव्य डेस्टिनेशन वेडिंग की तैयारी शुरू कर दी थी। शादी के लिए आलीशान पैलेस बुक किया गया था तथा मेहमानों के लिए विशेष विमान तक आरक्षित किए गए थे।
प्रेम संबंध बना हत्या की वजह
जांच में सामने आया कि सिया गोयल का चेतन चौधरी के साथ प्रेम संबंध था। पुलिस के अनुसार सिया यह शादी नहीं करना चाहती थी और चेतन, केतन को अपने रिश्ते में बाधा मानता था। इसी कारण दोनों ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

प्री-बर्थडे सेलिब्रेशन बना मौत का जाल
19 जून को सिया का जन्मदिन था। पुलिस के मुताबिक 18 जून को उसने "प्री-बर्थडे सेलिब्रेशन" के बहाने केतन को पुणे के निकट स्थित लोहगढ़ किले पर चलने के लिए राजी किया। वहां चेतन पहले से मौजूद था। जांच में सामने आया है कि किले पर पहुंचने के बाद सिया ने पूर्व निर्धारित संकेत दिया और चेतन ने केतन को खाई की ओर धक्का दे दिया, जिससे वह सैकड़ों फीट नीचे जा गिरा।

हादसे की कहानी गढ़ी
घटना के बाद सिया ने पुलिस को सूचना देकर दावा किया कि फोटो खिंचवाते समय केतन का संतुलन बिगड़ गया और वह खाई में गिर गया। प्रारंभिक तौर पर पुलिस ने इसे दुर्घटना मान लिया था। लेकिन अनुभवी ट्रैकर रहे केतन के अचानक फिसलने की कहानी पर परिवार को संदेह हुआ। परिजनों की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की।

2004 कॉल और 238 घंटे की बातचीत ने खोला राज
पुलिस की तकनीकी जांच में सिया और चेतन के बीच लगातार संपर्क के सबूत मिले। जांच में सामने आया कि जनवरी से जून के बीच दोनों के बीच 2004 फोन कॉल हुए और लगभग 238 घंटे बातचीत हुई थी। सोशल मीडिया चैट, कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज ने दोनों की साजिश की पुष्टि की।
हुडी पहनकर पहुंचा था आरोपी
जांच में यह भी सामने आया कि चेतन ने अपनी लोकेशन छिपाने के लिए मोबाइल फोन दुकान पर छोड़ दिया था। सीसीटीवी फुटेज में वह गर्मी के मौसम में हुडी पहनकर चेहरा छिपाते हुए दिखाई दिया। यही संदिग्ध गतिविधि पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुराग बनी।
हत्या के बाद किया भावुक पोस्ट
घटना के अगले दिन सिया ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश पोस्ट करते हुए लिखा कि केतन उसे जन्मदिन पर अकेला छोड़ गया और वापस लौट आए। बाद में जांच में यह पोस्ट भी पुलिस के संदेह का कारण बना।

हत्या के तीन प्लान तैयार किए थे
मीडिया रिपोर्ट्स और पुलिस सूत्रों के अनुसार आरोपियों ने केतन की हत्या के लिए एक नहीं बल्कि कई योजनाएं बनाई थीं। जांच में यह भी सामने आया कि सिया पहले भी केतन को लोहगढ़ किले ले गई थी और कथित तौर पर वहां हत्या का प्रयास असफल रहा था। यदि किले पर योजना सफल नहीं होती तो सड़क दुर्घटना का विकल्प भी तैयार रखा गया था।
परिवार बोला- शादी नहीं करनी थी तो मना कर देती
केतन के पिता और दादा ने कहा कि दोनों परिवारों के बीच वर्षों पुराने संबंध थे और उन्होंने सिया पर पूरा भरोसा किया था। परिवार का कहना है कि यदि सिया शादी नहीं करना चाहती थी तो साफ इनकार कर सकती थी, लेकिन हत्या जैसा कदम अकल्पनीय है।
पुलिस की ताजा कार्रवाई
पुणे ग्रामीण पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश की धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस दोनों से आमने-सामने पूछताछ कर रही है और यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस षड्यंत्र में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका थी। अदालत ने दोनों आरोपियों को पुलिस हिरासत में भेजा है और जांच जारी है।
यह मामला इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि हाल के महीनों में देश में प्रेम संबंधों और वैवाहिक विवादों से जुड़े कई हाई-प्रोफाइल हत्या मामलों के बाद इसे एक और सुनियोजित "लव ट्रायंगल मर्डर" के रूप में देखा जा रहा है।