बिलासपुर। जिले की तहसीलों में बाहरी कर्मचारियों के काम करने का मामला अब सरकार तक पहुंच गया है। राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने इसे गंभीर विषय बताते हुए कलेक्टर से रिपोर्ट मंगाने की बात कही है। वहीं, तहसील कार्यालयों में सरकारी रिकॉर्ड की सुरक्षा और गोपनीय दस्तावेजों तक अनधिकृत पहुंच को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार बिलासपुर तहसील सहित जिले की अन्य तहसीलों में कुछ बाहरी लोग अधिकारियों के सहयोगी के रूप में काम करते देखे गए हैं। इनमें तहसीलदार, अतिरिक्त तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक कक्ष समेत विभिन्न शाखाएं शामिल हैं। इससे पहले भी तहसील कार्यालयों से दस्तावेज गायब होने जैसे मामले सामने आ चुके हैं।

मंगलवार को अतिरिक्त तहसीलदार प्रकृति ध्रुव के कक्ष में ज्योतिष नामक व्यक्ति काम करते हुए नजर आया। हालांकि अतिरिक्त तहसीलदार ने किसी बाहरी व्यक्ति के कार्यरत होने से इनकार किया। इसी तरह तहसीलदार प्रकाश चंद्र साहू के कक्ष में गौरी ध्रुव नामक व्यक्ति के काम करने की जानकारी सामने आई है।

इस बीच बिलासपुर तहसील में एसडीएम के कथित फर्जी हस्ताक्षर से जुड़े मामले में लोक सेवा केंद्र के एक ऑपरेटर पर अब तक कार्रवाई नहीं होने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है।

राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि सरकारी रिकॉर्ड अत्यंत संवेदनशील होते हैं और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि सरकार सुशासन तिहार और राजस्व शिविरों के माध्यम से आम लोगों की समस्याओं का समाधान करने का प्रयास कर रही है। ऐसे में यदि तहसीलों में अनाधिकृत लोग कार्य कर रहे हैं तो इसकी जानकारी ली जाएगी और संबंधित अधिकारियों से रिपोर्ट मंगाई जाएगी।

हाईकोर्ट और सामान्य प्रशासन विभाग भी दे चुके हैं निर्देश

तहसीलों में बाहरी लोगों की मौजूदगी का मुद्दा नया नहीं है। वर्ष 2016 में हाईकोर्ट ने एक आदेश में सरकार को निर्देश दिया था कि सरकारी कार्यालयों में अनाधिकृत व्यक्तियों के प्रवेश और कार्य करने पर रोक लगाई जाए। इसके बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने 7 फरवरी 2017 को सभी संभागायुक्तों और कलेक्टरों को निर्देश जारी कर सरकारी कार्यालयों में बाहरी व्यक्तियों को नहीं रखने को कहा था। विभाग ने स्पष्ट किया था कि इससे सरकारी अभिलेखों और दस्तावेजों की सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

एसडीएम बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई

बिलासपुर एसडीएम मनीष साहू ने कहा कि राजस्व न्यायालय और अन्य शाखाओं में यदि बाहरी कर्मचारी कार्यरत पाए जाते हैं तो उन्हें हटाने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कथित फर्जी हस्ताक्षर मामले में उन्होंने कहा कि संबंधित ऑपरेटर की ओर से अभी जवाब प्राप्त नहीं हुआ है। जवाब मिलने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल तहसीलों में बाहरी कर्मचारियों की मौजूदगी और सरकारी रिकॉर्ड की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, जबकि सरकार ने मामले की रिपोर्ट तलब करने की तैयारी शुरू कर दी है।