बिलासपुर। रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर दो लाख रुपए की कथित ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता संविदा शिक्षिका ने तोरवा थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोपी पर रकम लेने के बाद न नौकरी दिलाने और न ही पैसे वापस करने का आरोप लगाया है। मामले की जांच पुलिस कर रही है।
जानकारी के अनुसार तोरवा क्षेत्र के बुधवारी बाजार निवासी इशिता बासु (39), जो वर्तमान में स्वामी आत्मानंद हायर सेकेंडरी स्कूल लालपुर, जिला मुंगेली में संविदा शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं, की पहचान रेलवे कर्मचारी गजाधर सिंह से हुई थी। गजाधर सिंह रेलवे में सहायक ग्रेड-3 के पद पर पदस्थ बताया जा रहा है।
पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने रेलवे में बंगला प्यून के पद पर नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया था। इसी आश्वासन पर 21 से 24 सितंबर 2024 के बीच फोन-पे के माध्यम से उससे कुल 2 लाख रुपए ले लिए गए। इशिता बासु का कहना है कि रकम की व्यवस्था करने के लिए उन्होंने 2.25 लाख रुपए का पर्सनल लोन लिया था और वर्तमान में उसकी किस्तें भी चुका रही हैं।
शिकायत के अनुसार निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी न तो नौकरी मिली और न ही आरोपी ने रकम वापस की। पैसे मांगने पर वह लगातार टालमटोल करता रहा।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि शिकायत के बाद आरोपी अपने परिवार सहित घर छोड़कर चला गया था। शनिवार रात उसके घर लौटने की सूचना मिलने पर उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। पुलिस आरोपी को थाने लेकर गई, लेकिन बाद में उसे छोड़ दिया गया। पीड़िता का कहना है कि पुलिस ने बताया कि आरोपी द्वारा रकम लौटाने का आश्वासन दिए जाने के कारण उसे छोड़ा गया।
फिलहाल तोरवा पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।