बिलासपुर | सिरगिट्टी थाना क्षेत्र के फदहाखार-चांदमारी इलाके में रविवार रात पुरानी रंजिश को लेकर हुई गैंगवार में 22 वर्षीय ओम लहरे की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के मुताबिक सुनील निर्मलकर उर्फ कल्लू टाइगर और उसके साथियों ने ओम को घेरकर चाकू से कई वार किए। हत्या के बाद शव को घसीटकर महमंद बाईपास के पास फेंक दिया गया। पुलिस ने मुख्य आरोपी कल्लू समेत 4 आरोपियों को हिरासत में लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
जांच में सामने आया है कि ओम लहरे पिता कन्हैया लहरे की रिपोर्ट पर सिरगिट्टी पुलिस ने 27 जुलाई को कल्लू टाइगर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके 4 दिन बाद ओम और उसके साथियों को भी आर्म्स एक्ट के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। ओम को 2 दिन के भीतर जमानत मिल गई, जबकि कल्लू करीब 14 दिन बाद जेल से बाहर आया। पुलिस के अनुसार जेल से बाहर आने के बाद से ही कल्लू ओम से बदला लेने की फिराक में था।
रविवार रात करीब 9 बजे ओम फदहाखार गेट के पास पहुंचा। वहां पहले से मौजूद कल्लू और उसके साथियों ने उसे घेर लिया और चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल ओम की मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी शव को घसीटकर महमंद बाईपास के पास छोड़कर फरार हो गए।
शराब के पैसे मांगने से शुरू हुआ था विवाद
पुलिस की प्रारंभिक जांच के मुताबिक दोनों पक्षों के बीच विवाद 26 जुलाई की रात शुरू हुआ था। ओम लहरे, रोहन मंडावी, सोनू मंडावी, हर्ष फ्रांसिस, हरीश राव और निखिल मानिकपुरी फदहाखार नर्सरी गेट के पास खड़े थे। इसी दौरान कल्लू टाइगर, नरेंद्र यादव और रोहित धुरी वहां पहुंचे और शराब पीने के लिए पैसे मांगे। पैसे देने से इनकार करने पर आरोपियों ने पेचकस से ओम और उसके साथियों पर हमला कर दिया था।
इसके बाद ओम और उसके साथियों ने सिरगिट्टी थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसी मामले में कल्लू को जेल भेजा गया था। पुलिस का कहना है कि जेल से जमानत पर बाहर आने के बाद दोनों पक्षों के बीच रंजिश और गहरी हो गई। रविवार रात मौका मिलते ही कल्लू और उसके साथियों ने ओम को घेरकर हमला कर दिया।
घटना के करीब 16 घंटे बाद फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल और महमंद बाईपास के पास पहुंचकर जांच की। टीम ने मौके से खून के नमूने समेत अन्य साक्ष्य जुटाए। मृतक के शरीर पर चाकू से किए गए कई वार के निशान मिले हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।