
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने लोक भवन में की सौजन्य भेंट, छत्तीसगढ़ की गौरवशाली विरासत, जनजातीय संस्कृति और विकास यात्रा को भव्यता से प्रस्तुत करने पर जोर,,
राजधानी रिपोर्टर | सौरभ साहू की विशेष रिपोर्ट,
दिनांक,26/10/2026
लोकेशन: रायपुर, छत्तीसगढ़।
रायपुर। छत्तीसगढ़ के पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री राजेश अग्रवाल ने राज्योत्सव की तैयारियों के बीच राज्यपाल श्री रमेन डेका से सौजन्य भेंट कर उन्हें राज्योत्सव समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। इस दौरान पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के सचिव डॉ. एस. भारतीदासन भी उपस्थित रहे। राज्योत्सव के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं और विकास यात्रा को व्यापक स्तर पर प्रदर्शित करने की दिशा में तैयारियां की जा रही हैं।
राज्यपाल से मुलाकात, राज्योत्सव के लिए दिया आमंत्रण
लोक भवन में हुई सौजन्य भेंट के दौरान मंत्री राजेश अग्रवाल ने राज्यपाल रमेन डेका को 2 नवंबर को आयोजित होने वाले समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने के लिए सादर आमंत्रित किया। यह मुलाकात राज्योत्सव के आयोजन और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को प्रमुखता से सामने लाने के संदर्भ में महत्वपूर्ण रही।
राज्योत्सव छत्तीसगढ़ के लिए केवल एक समारोह नहीं, बल्कि प्रदेश की गौरवशाली विरासत, समृद्ध लोकसंस्कृति, जनजातीय परंपराओं और विकास यात्रा को प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। इस आयोजन के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विविधता और उपलब्धियों को जनसामान्य तक पहुंचाने का प्रयास किया जाता है।
छत्तीसगढ़ की संस्कृति और पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल के विभागीय दायित्वों में पर्यटन एवं संस्कृति से जुड़े विषय महत्वपूर्ण हैं। राज्योत्सव जैसे बड़े आयोजन प्रदेश के पर्यटन स्थलों, पारंपरिक कलाओं, लोकनृत्यों और जनजातीय विरासत को व्यापक पहचान दिलाने का अवसर प्रदान करते हैं।
छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता, ऐतिहासिक धरोहरों, धार्मिक स्थलों और विविध लोकपरंपराओं में पर्यटन की व्यापक संभावनाएं हैं। ऐसे में प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ पर्यटन सुविधाओं के विकास और पर्यटकों को आकर्षित करने के प्रयास भी महत्वपूर्ण हैं।
विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के संकल्प को मिलेगी नई ऊर्जा
राज्योत्सव के अवसर पर प्रदेश की उपलब्धियों को सामने रखने के साथ विकसित और समृद्ध छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को नई ऊर्जा देने पर जोर रहेगा। प्रदेश की लोकसंस्कृति और जनजातीय परंपराओं का संरक्षण करते हुए उन्हें नई पीढ़ी तक पहुंचाना भी ऐसे आयोजनों का महत्वपूर्ण उद्देश्य है। मंत्री राजेश अग्रवाल और विभागीय सचिव डॉ. एस. भारतीदासन की मौजूदगी में हुई इस मुलाकात ने राज्योत्सव के आयोजन और सांस्कृतिक विरासत को प्रमुखता देने के महत्व को रेखांकित किया।
राज्योत्सव के माध्यम से छत्तीसगढ़ की पहचान, परंपरा और विकास की तस्वीर को व्यापक मंच पर प्रस्तुत करने की तैयारी है। अब आयोजन के दौरान सांस्कृतिक विरासत और प्रदेश की उपलब्धियों को किस रूप में प्रदर्शित किया जाता है, इस पर लोगों की निगाहें रहेंगी।