बिलासपुर। पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल का अब तक कोई समाधान नहीं निकल सका है। इधर, धान खरीदी की तारीख नजदीक आने के साथ प्रशासन की तैयारियों पर भी इसका असर पड़ने की आशंका बढ़ रही है। 10 नवंबर से किसानों के धान खरीदी के टोकन कटने शुरू होंगे और 15 नवंबर से खरीदी प्रारंभ होनी है। यानी टोकन प्रक्रिया शुरू होने के बाद खरीदी के लिए महज पांच दिन मिलेंगे। ऐसे में पटवारियों की हड़ताल जारी रही तो खरीदी से जुड़ी तैयारियां प्रभावित हो सकती हैं। दूसरी ओर, प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किए जाने के बावजूद फिलहाल किसी बड़ी कार्रवाई के संकेत नहीं हैं। दीपावली तक प्रशासन वेट एंड वॉच की स्थिति में नजर आ रहा है।

छत्तीसगढ़ पटवारी संघ 13 अक्टूबर से तीन सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर है। इसमें वेतन विसंगति दूर करने, पदोन्नति और एप के बहिष्कार की मांग शामिल है। हड़ताल को 25 दिन से अधिक हो चुके हैं, लेकिन अब तक प्रशासन और पटवारी संघ के बीच वार्ता तक नहीं हो सकी है। प्रशासन का कहना है कि हड़ताल पर गए पटवारियों को बातचीत के लिए आगे आना चाहिए था।

1741 खसरों के अप्रूवल पर संशय

जिला प्रशासन ने 15 नवंबर से धान खरीदी शुरू करने की तैयारियां पूरी होने का दावा किया है, लेकिन कम से कम 1741 खसरा नंबरों को पटवारी आईडी से अप्रूवल मिलने को लेकर संशय बना हुआ है। इस बार धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होकर 15 जनवरी तक चलेगी। पिछले वर्षों की तुलना में खरीदी के लिए 15 दिन कम मिलेंगे। ऐसे में किसानों के पंजीयन और खसरा सत्यापन से जुड़े काम समय पर पूरे नहीं हुए तो खरीदी केंद्रों में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

25 दिन से प्रतिवेदन के काम ठप, राजस्व मामले अटके

पटवारियों की हड़ताल का असर अब आम लोगों के राजस्व संबंधी कामकाज पर भी दिखाई देने लगा है। जाति, आय, निवास और ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्रों के अलावा विभिन्न राजस्व मामलों की जांच के लिए जरूरी प्रतिवेदन नहीं बन पा रहे हैं। पटवारी प्रतिवेदन नहीं मिलने से कई मामलों की सुनवाई और आगे की प्रक्रिया अटक गई है। हालांकि कुछ मामलों में राजस्व निरीक्षकों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, लेकिन इससे सभी प्रभावित कामों का समाधान नहीं हो पा रहा है।

दीपावली के बाद क्या होगा प्रशासन का रुख?

प्रशासन ने शुरुआत में हड़ताल को लेकर सख्त रुख अपनाया था और नोटिस भी जारी किए थे। इसके बावजूद अब तक न तो वार्ता की पहल आगे बढ़ी है और न ही कोई ठोस समाधान सामने आया है। दीपावली, उसके अगले दिन अवकाश और फिर धान खरीदी की तैयारियों के बीच प्रशासन फिलहाल इंतजार की स्थिति में है। बड़ा सवाल यह है कि यदि दीपावली के बाद भी पटवारी काम पर नहीं लौटे तो धान खरीदी और लंबित राजस्व मामलों को संभालने के लिए प्रशासन क्या वैकल्पिक व्यवस्था करेगा?

आईडी अप्रूवल की समस्या का समाधान निकाल लेंगे

अपर कलेक्टर बीरेंद्र बी. पंचभाए ने कहा कि पटवारी आईडी से खसरा अप्रूवल की समस्या का समाधान निकाल लिया जाएगा। इसमें कोई परेशानी नहीं होगी। यदि पटवारी हड़ताल पर गए हैं तो उन्हें वार्ता के लिए आना चाहिए था।